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वन पंचायत चुनाव 2025: अघरिया से संजय कुमार और मजेला (धारी)से अजय कुमार बने सरपंच

 उत्तराखंड के नैनीताल जनपद के धारी तहसील के अंतर्गत वन पंचायत अघरिया और मजेला धारी में 18 मार्च 2025 को सफलतापूर्वक सरपंच चुनाव संपन्न हुआ। इस चुनाव में ग्रामवासियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूती दी।


अघरिया से संजय कुमार बने सरपंच

वन पंचायत अघरिया में संजय कुमार को सरपंच के रूप में चुना गया। संजय कुमार के अनुभव और समाज सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को देखते हुए ग्रामवासियों ने उन पर भरोसा जताया। उन्होंने चुनाव जीतने के बाद ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि वे गांव के विकास, वनीकरण, और पारिस्थितिकी संतुलन को बनाए रखने के लिए ईमानदारी से कार्य करेंगे




मजेला (धारी) से अजय कुमार निर्वाचित

वन पंचायत मजेला धारी में अजय कुमार निर्विरोध निर्वाचित हुए । अजय कुमार पहले से ही सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे हैं और उन्हें वन संरक्षण और ग्राम विकास में रुचि रखने वाले व्यक्ति के रूप में जाना जाता है। अजय कुमार की जीत विशेष रूप से चर्चा का विषय रही, क्योंकि वे सबसे कम उम्र के सरपंच बने। अजय कुमार की जीत से यह साबित होता है कि अब युवा भी स्थानीय शासन में सक्रिय भूमिका निभाने लगे हैं। उन्होंने चुनाव के दौरान यह वादा किया था कि वे डिजिटल तकनीक, पारदर्शिता और नई योजनाओं के साथ वन पंचायत को और अधिक प्रभावी बनाएंगे।



वन पंचायत चुनाव का महत्व

उत्तराखंड में वन पंचायतें ग्रामीण समुदायों को अपने आसपास के वनों के प्रबंधन में सीधा भागीदार बनाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ये पंचायतें न केवल वनों की रक्षा करती हैं बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार, जल स्रोतों का संरक्षण और पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करने में भी अहम भूमिका निभाती हैं।


जनता की सक्रिय भागीदारी

इस चुनाव में गांव की महिलाओं और पुरुषों ने समान रूप से भाग लिया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि लोग अपने हक और कर्तव्यों को लेकर जागरूक हो रहे हैं। महिलाओं की भागीदारी से यह संकेत मिलता है कि वन पंचायतों में लैंगिक समानता की ओर समाज बढ़ रहा है।

नवनिर्वाचित सरपंचों से अपेक्षाएं

  1. वन संरक्षण और संवर्धन – जंगलों की कटाई को रोकना और वृक्षारोपण को बढ़ावा देना।

  2. स्थानीय रोजगार के अवसर – ग्रामीणों को वन आधारित आजीविका के साधन उपलब्ध कराना।

  3. सामुदायिक विकास – सड़क, पानी, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए प्रयास करना।

  4. वन अपराधों की रोकथाम – अवैध कटाई और अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई करना।

ग्रामवासियों की सक्रिय भागीदारी और लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती इस चुनाव की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। उम्मीद है कि ये सरपंच अपने कार्यकाल में गांव के विकास के लिए ठोस कदम उठाएंगे और वन पंचायत की भूमिका को और सशक्त बनाएंगे।



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