स्वाभिमान रैली: हक और सम्मान की आवाज़ (हल्द्वानी)
हल्द्वानी के बुद्ध पार्क, तिकोनिया में आज सुबह 11 बजे एक महत्वपूर्ण रैली आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य उत्तराखंड के पहाड़ी समुदाय के स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा करना था। यह रैली बुद्ध पार्क से सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय तक गई, जिसमें सैकड़ों लोगों ने भाग लिया और अपनी आवाज़ बुलंद की।
मुख्य मांगें और मुद्दे
इस रैली में तीन प्रमुख मुद्दों को उठाया गया—
मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को निष्कासित करो
उत्तराखंड के वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा पहाड़ी समुदाय पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के खिलाफ जनता में भारी रोष था। रैली में शामिल लोगों ने मांग की कि ऐसे नेता को तत्काल पद से हटाया जाए, जो उत्तराखंड के मूल निवासियों के सम्मान को ठेस पहुंचाता है।
यूसीसी (समान नागरिक संहिता) के प्रावधानों में बदलाव
उत्तराखंड में लागू हो रही समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर भी असंतोष जताया गया। रैली में शामिल लोगों का मानना था कि इस कानून के कुछ प्रावधान पहाड़ी समाज की परंपराओं और हितों के खिलाफ हैं, इसलिए इनमें आवश्यक बदलाव किए जाएं।
मूल निवास 1950 कानून लागू करो
उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए 1950 के मूल निवास कानून को फिर से लागू करने की मांग की गई। यह कानून राज्य के लोगों को बाहरी लोगों के अतिक्रमण से बचाने और उन्हें शिक्षा, रोजगार व भूमि अधिकारों में प्राथमिकता देने के लिए अहम माना जाता है।
रैली में कौन-कौन शामिल हुआ?
इस विरोध प्रदर्शन में कई राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस नेता हरीश पनेरू और हरीश रावत व अन्य लोगों ने भी इस रैली में भाग लिया और सरकार से इन मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की अपील की।
जनता की भावनाएं और आगे की रणनीति
रैली में शामिल लोगों ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर इन मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान ‘पहाड़ी स्वाभिमान ज़िंदाबाद’ जैसे नारे गूंजते रहे, जो दर्शाते हैं कि उत्तराखंड के लोग अपने हक और सम्मान के लिए लड़ने को तैयार हैं।

Nic
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