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बाजपुर भाजपा मंडल अध्यक्ष बिट्टू चौहान ने बिरजू मायाल के खिलाफ की कार्रवाई की मांग

उत्तराखंड के बाजपुर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मंडल अध्यक्ष बिट्टू चौहान ने सोशल मीडिया पर झूठे आरोप लगाने के मामले में बिरजू मायाल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में बाजपुर कोतवाली में एक शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें बिरजू मायाल पर बिना साक्ष्यों के आधार पर भाजपा नेताओं और सरकार के खिलाफ अपमानजनक बयानबाजी करने का आरोप लगाया गया है।


क्या हैं आरोप?

भाजपा नेता बिट्टू चौहान ने अपने पत्र में लिखा है कि बिरजू मायाल एक ब्लॉगर के रूप में सोशल मीडिया पर लगातार भाजपा और उसके नेताओं को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि मायाल ने फेसबुक लाइव के दौरान भाजपा संगठन महामंत्री अजय कुमार पर गंभीर आरोप लगाए, जिसमें उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ते हुए संगठन महामंत्री को वीवीआईपी आरोपी बताया।

बिट्टू चौहान के अनुसार, सरकार ने अंकिता भंडारी के हत्याकांड में त्वरित कार्रवाई की और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे में बिना सबूतों के संगठन महामंत्री अजय कुमार का नाम लेना और सरकार पर आरोप लगाना निंदनीय है।


भाजपा नेताओं की मांग

बिट्टू चौहान और भाजपा कार्यकर्ताओं ने कोतवाली में दिए गए पत्र में बिरजू मायाल की पूरी जांच करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने पुलिस से निम्नलिखित बिंदुओं पर जांच करने की अपील की—

  1. बिरजू मायाल किस सूचना विभाग में पंजीकृत हैं?

  2. जो आरोप उन्होंने लगाए हैं, उनके पास क्या साक्ष्य हैं, जब यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है?

  3. क्या बिरजू मायाल विपक्ष के इशारे पर भाजपा और उसके नेताओं को बदनाम करने का कार्य कर रहे हैं?

  4. उनके बैंक खातों की जांच कर यह पता लगाया जाए कि उन्हें कौन फंडिंग कर रहा है?

  5. उनके फेसबुक लाइव और झूठे बयानों पर रोक लगाई जाए।



सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने पर सख्ती की मांग

बिट्टू चौहान ने आरोप लगाया कि बिरजू मायाल सोशल मीडिया के जरिए झूठी खबरें फैला रहे हैं, जिससे समाज में अशांति और अराजकता का माहौल बन रहा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से उन पर सख्त प्रतिबंध लगाने और उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की अपील की है।

क्या होगी अगली कार्रवाई?

भाजपा नेताओं की शिकायत के बाद पुलिस इस मामले में जल्द ही कानूनी कार्रवाई कर सकती है। यदि आरोप सही पाए गए तो बिरजू मायाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा सकता है और उनकी सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगाया जा सकता है।


यह मामला उत्तराखंड की राजनीति में नए विवाद को जन्म दे सकता है। भाजपा नेताओं का कहना है कि बिना साक्ष्यों के सरकार और पार्टी के खिलाफ झूठे आरोप बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कदम उठाती है और बिरजू मायाल के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।

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