हल्द्वानी में नूडल्स फैक्ट्री सील: सॉस में नहीं था टमाटर, फंगस और तिलचट्टों से बना था ज़हर
हल्द्वानी। शहर के मंगलपड़ाव क्षेत्र में स्थित एक नूडल्स फैक्ट्री में गुरुवार को की गई छापेमारी में खाद्य सुरक्षा विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम को भारी अनियमितताएं मिलीं। 'महेश्वरी नूडल्स' नामक इस फैक्ट्री को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में एक्सपायर्ड केमिकल, फफूंदी लगे पल्प और गंदगी के बीच बनाए जा रहे खाद्य उत्पाद बरामद हुए। यही नहीं, टमाटर के नाम पर सड़े हुए कद्दू के पल्प से तैयार किए जा रहे सॉस में टमाटर की मात्रा तक नहीं पाई गई
घनी आबादी में अवैध रूप से चल रही थी फैक्ट्री
जिलाधिकारी वंदना सिंह के निर्देश पर एसडीएम राहुल शाह और नगर आयुक्त ऋचा सिंह के नेतृत्व में नगर निगम, खाद्य सुरक्षा विभाग, आपूर्ति विभाग और राजस्व विभाग की टीम ने फैक्ट्री में छापा मारा। यह निर्माण इकाई घनी आबादी वाले इलाके में बिना किसी वैध लाइसेंस के संचालित हो रही थी। निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री परिसर में भारी गंदगी, कीट-पतंगों की भरमार और खराब हालात देखने को मिले।
बेसमेंट में भरा पड़ा था एक्सपायर्ड केमिकल और फफूंदी वाला पल्प
छापेमारी के दौरान फैक्ट्री के बेसमेंट से बड़ी मात्रा में एक्सपायर्ड केमिकल और पल्प कंटेनरों में पाए गए। सड़े हुए पल्प में फंगस के साथ भारी मात्रा में कॉकरोच पाए गए, जिन्हें टीम ने मौके पर ही नष्ट किया। यह भी सामने आया कि फैक्ट्री में घरेलू गैस सिलेंडरों का प्रयोग व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा था, जो आवश्यक वस्तु अधिनियम का खुला उल्लंघन है। आपूर्ति विभाग ने सिलेंडरों को जब्त कर लिया है और फैक्ट्री मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
टोमैटो सॉस में नहीं था टमाटर
नगर आयुक्त ऋचा सिंह ने बताया कि फैक्ट्री में टोमैटो सॉस तैयार करने के लिए टमाटर या टमाटर की प्यूरी का उपयोग नहीं किया जा रहा था। इसके स्थान पर सड़े हुए कद्दू के पल्प का प्रयोग किया जा रहा था, जिसमें फफूंदी भी लगी हुई थी। प्रयोग में लाए जा रहे रसायन भी एक्सपायर्ड थे। यही नहीं, नूडल्स और सॉस के पैकेट पर एक्सपायरी डेट तक नहीं दर्ज की गई थी, जो उपभोक्ताओं की सेहत से सीधा खिलवाड़ है।
सैंपल जांच को भेजे गए
कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी अभय कुमार सिंह और कॉम्पिटेंट ऑफिसर संजय कुमार की टीम ने नूडल्स, सॉस और पल्प के सैंपल एकत्र किए, जिन्हें रुद्रपुर स्थित प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाएगा। तहसीलदार मनीषा विष्ट, कुलदीप पांडे सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी इस कार्रवाई में शामिल रहे।
स्वास्थ्य के साथ खुला खिलवाड़
इस कार्रवाई ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि खाद्य सुरक्षा के नियमों की अनदेखी कर कैसे कुछ निर्माता लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। बिना लाइसेंस, गंदगी के बीच और घटिया सामग्री से बनाए जा रहे खाद्य उत्पाद सीधे बाजार में पहुंचकर उपभोक्ताओं की सेहत को नुकसान पहुंचा सकते थे।
कड़ी कार्रवाई के संकेत
प्रशासन ने साफ किया है कि इस तरह की गतिविधियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि ऐसी सभी इकाइयों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई की जाए। इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में कोई इस तरह का दुस्साहस न कर सके।
निष्कर्ष
महेश्वरी नूडल्स फैक्ट्री पर की गई छापेमारी ने खाद्य सुरक्षा की स्थिति पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। यह मामला उपभोक्ताओं की जागरूकता और प्रशासन की सतर्कता दोनों की आवश्यकता को रेखांकित करता है। आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई कितनी प्रभावी होती है, यह देखना अहम होगा।



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