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भवाली में भीषण अग्निकांड: 100 साल पुराना मकान और सात दुकानें राख, घंटों मची रही अफरातफरी

भवाली,

भवाली बाजार में सोमवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना में भीषण आग लगने से सौ साल पुराना एक मकान और उसमें स्थित सात दुकानें जलकर राख हो गईं। यह अग्निकांड रात करीब आठ बजे भवाली तल्ली बाजार में स्थित देवी मंदिर के पास घटित हुआ, जहां लकड़ी से बना एक पुराना भवन अचानक आग की लपटों में घिर गया। इस हादसे ने न सिर्फ स्थानीय व्यापारियों की आजीविका छीन ली, बल्कि पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मचा दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की शुरुआत एक दुकान से हुई। माना जा रहा है कि आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट है। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और कुछ ही देर में पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। इस भवन के भूतल पर कास्मेटिक सहित विभिन्न प्रकार की दुकानें थीं, जो रात्रि के समय बंद थीं। स्थानीय लोगों ने जैसे ही धुआं और लपटें देखीं, वे आनन-फानन में अपने घरों से बाहर निकल आए और आग बुझाने की कोशिशों में जुट गए।

अग्निशमन सेवाओं की देरी पर नाराजगी

आग लगने की सूचना मिलते ही नैनीताल, हल्द्वानी और अल्मोड़ा से दमकल की कुल छह गाड़ियाँ मौके पर पहुंचीं, लेकिन आग पर पूरी तरह से काबू पाने में करीब साढ़े तीन घंटे का समय लग गया। स्थानीय लोगों ने फायर ब्रिगेड के देर से पहुंचने पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि भवाली जैसे संवेदनशील क्षेत्र में अग्निशमन वाहन की अनुपलब्धता के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।

फायर ब्रिगेड की पहली गाड़ी करीब आधे घंटे बाद नैनीताल से पहुंची, इसके बाद हल्द्वानी से दो और दमकल वाहन बुलाए गए। दमकल कर्मियों ने भवन की ऊपरी मंजिल पर चढ़कर पाइप के माध्यम से पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया।

प्रशासन और पुलिस मौके पर मौजूद

घटना की सूचना मिलते ही एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र, सीओ प्रमोद साह और अन्य अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लेने के प्रयास शुरू किए। स्थानीय लोगों में आक्रोश था कि अगर समय पर अग्निशमन सेवा पहुंच जाती, तो इतनी बड़ी क्षति नहीं होती। अधिकारियों ने जनता को समझाने और शांत करने का प्रयास किया।

यातायात भी हुआ प्रभावित

आग की भीषणता के चलते भवाली से हल्द्वानी, नैनीताल और अल्मोड़ा जाने वाले मुख्य मार्गों पर यातायात को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों और राहत कार्यों के कारण घंटों तक यातायात बाधित रहा, जिससे आम लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

भारी नुकसान, राहत की मांग

इस अग्निकांड में सात दुकानें और एक ऐतिहासिक लकड़ी का मकान पूरी तरह से नष्ट हो गया। दुकानदारों के अनुसार, लाखों रुपये की संपत्ति और सामान जलकर खाक हो गया है। प्रभावित दुकानदारों और स्थानीय जनता ने प्रशासन से मुआवजे और भवाली में स्थायी अग्निशमन केंद्र की मांग की है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर समय रहते काबू पाया जा सके।


भवाली में हुआ यह अग्निकांड न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि भविष्य के लिए चेतावनी भी है कि ऐसे पहाड़ी क्षेत्रों में अग्निशमन सेवाओं को मजबूत करना आवश्यक है। समय पर सहायता और संसाधनों की उपलब्धता से भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सकता है। फिलहाल, प्रशासन ने क्षति का आकलन कर राहत कार्य शुरू कर दिए हैं और विस्तृत जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं।

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