हल्द्वानी के बैंककर्मी की पिकनिक के दौरान ज्योलिकोट में दर्दनाक मौत, SDRF ने बरामद किया शव
नैनीताल,
हल्द्वानी से पिकनिक मनाने ज्योलीकोट पहुंचे एक युवक की नलेना गधेरे में डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान 28 वर्षीय हिमांशु पंत पुत्र भगवती प्रसाद पंत के रूप में हुई है, जो कूर्मांचल बैंक हल्द्वानी में कार्यरत था। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है, वहीं मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हिमांशु शनिवार को अपने तीन दोस्तों के साथ सप्ताहांत की छुट्टी का आनंद लेने ज्योलीकोट आया था। दोपहर करीब तीन बजे सभी दोस्त नलेना गधेरे में नहाने के लिए उतरे। नहाते समय अचानक हिमांशु का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। उसके दोस्तों ने तत्काल उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। डूबने के कुछ देर बाद ही उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही ज्योलीकोट चौकी प्रभारी श्याम सिंह बोरा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। प्रारंभिक प्रयासों में युवक को तलाश नहीं किया जा सका। इसके बाद एसडीआरएफ की टीम को मौके पर बुलाया गया। करीब एक घंटे के लंबे और कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद एसडीआरएफ की टीम ने हिमांशु का शव गधेरे में पत्थरों के बीच से बरामद किया।
शव बरामद होने के बाद पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जबकि परिजनों को सूचना दे दी गई है। प्राथमिक जांच में कोई साजिश अथवा foul play के संकेत नहीं मिले हैं, और परिजनों की ओर से भी अब तक कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है।
पुलिस के अनुसार, हिमांशु एक शांत और मिलनसार युवक था। उसके सहकर्मियों व मित्रों के अनुसार, वह हमेशा सकारात्मक ऊर्जा से भरा रहता था। बैंक में उसके व्यवहार को लेकर सभी लोग उसकी तारीफ करते थे। उसके आकस्मिक निधन से बैंक में भी शोक का माहौल है।
इस घटना ने एक बार फिर पर्यटकों व पिकनिक मनाने वालों के लिए चेतावनी दी है कि प्राकृतिक जल स्रोतों में नहाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। पर्वतीय क्षेत्रों में नदियों और गधेरों की गहराई व बहाव का अंदाजा लगाना अक्सर मुश्किल होता है, जिससे दुर्घटनाएं होती हैं।
फिलहाल पुलिस घटना की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, क्षेत्रीय लोगों ने भी प्रशासन से अपील की है कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और लोगों को जल स्रोतों में जाने से पूर्व सतर्क किया जाए।
हिमांशु की असामयिक मौत ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि थोड़ी सी लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है। प्रशासन और आमजन दोनों को मिलकर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।


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