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भाई-बहनों के लिए जरूरी खबर: उत्तराखंड में कब है रक्षाबंधन?

हल्द्वानी। राखी की डोर इस बार रिश्तों को और मजबूती से बांधेगी, क्योंकि इस वर्ष रक्षाबंधन पर्व 9 अगस्त (शनिवार) को भद्रा काल के दोष से मुक्त रहेगा, जिससे पूरे दिन भाई-बहन रक्षाबंधन का पर्व हर्षोल्लास के साथ मना सकेंगे।

पंचांग विशेषज्ञों के अनुसार, 8 अगस्त (शुक्रवार) को श्रवण नक्षत्र युक्त श्रावणी पूर्णिमा का व्रत रखा जाएगा, जिसे महाश्रावणी के नाम से जाना जाता है। यह दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पुण्यफलदायी माना जाता है। इसी दिन गायत्री जयंती और संस्कृत दिवस भी मनाए जाएंगे।

आचार्य पवन पाठक, संपादक बुद्धिबल्लभ पंचांग, ने बताया कि रक्षाबंधन और यजुर्वेदी ब्राह्मणों का उपाकर्म संस्कार इस वर्ष एक साथ सम्पन्न होंगे। पूर्णिमा तिथि 8 अगस्त दोपहर 2:12 बजे से शुरू होकर 9 अगस्त दोपहर 1:25 बजे तक रहेगी। इस दौरान भद्रा काल नहीं होने के कारण राखी बांधने का मुहूर्त पूरे दिन भर उपलब्ध रहेगा

उन्होंने बताया कि जनेऊ (उपाकर्म) धारण करने के लिए 9 अगस्त को दोपहर 1:25 बजे से पहले का समय विशेष रूप से शुभ रहेगा, क्योंकि यह शास्त्रीय परंपरा के अनुसार मध्याह्न से पूर्व करना उचित माना गया है।

ज्योतिषाचार्य त्रिभुवन उप्रेती ने जानकारी दी कि रक्षाबंधन पर इस बार सभी शुभ योग बन रहे हैं, जिससे यह पर्व और भी विशेष बन गया है। भाई-बहन आपसी प्रेम, स्नेह और रक्षा के इस पर्व को पूरे दिन श्रद्धा व उल्लास के साथ मना सकते हैं।

इस प्रकार, 8 अगस्त को व्रत और 9 अगस्त को रक्षाबंधन का पावन पर्व एक विशेष धार्मिक संयोग के साथ मनाया जाएगा, जो सभी के जीवन में सौहार्द, प्रेम और शक्ति का संचार करेगा।



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