उत्तराखंड के सभी सरकारी कार्यालय, DM परिसर, अस्पताल-कॉलेज में लागू सख्त सुरक्षा नियम
देहरादून।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह SOP अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों – सभी पर समान रूप से लागू होगी। इसका उद्देश्य सरकारी परिसरों में सुरक्षा, शिष्टाचार और सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली सुनिश्चित करना है।
SOP के प्रमुख उद्देश्य
- सरकारी कार्यालयों में बाहरी आक्रामकता, दबाव या हिंसा को रोकना
- लोक सेवकों की शारीरिक व मानसिक सुरक्षा सुनिश्चित करना
- कार्यालय परिसरों में नियंत्रित प्रवेश व्यवस्था लागू करना
प्रवेश और पहचान व्यवस्था होगी सख्त
- सभी स्थायी व संविदा कर्मचारियों को मानकीकृत पहचान पत्र अनिवार्य रूप से पहनना होगा
- आगंतुकों को कार्यालय में प्रवेश से पहले Reception पर पंजीकरण कराना होगा
- आधार कार्ड / वोटर आईडी जैसे वैध पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य
- बिना अपॉइंटमेंट अधिकारियों से मुलाकात नहीं हो सकेगी
सुरक्षा जांच (Screening) के नए नियम
- सभी प्रवेश द्वारों पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) से जांच
- सुरक्षा कर्मियों द्वारा Frisking अनिवार्य
- संदिग्ध या ब्लैकलिस्टेड व्यक्तियों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित
- कार्यालय परिसरों में आम जनता के वाहनों का प्रवेश सीमित
Visitor Management System (VMS) लागू
- जहां संभव होगा वहां डिजिटल VMS सिस्टम लागू किया जाएगा
- आगंतुक की फोटो, मोबाइल नंबर, पहचान पत्र संख्या और आने का उद्देश्य दर्ज होगा
- आगंतुकों को टाइम-स्टैम्प्ड पास/बैज दिया जाएगा
- बिना पूर्व अनुमति वरिष्ठ अधिकारियों से भेंट नहीं होगी
व्यवहार और अनुशासन को लेकर सख्त निर्देश
- सरकारी कर्मचारियों से बातचीत में शिष्ट भाषा अनिवार्य
- नारेबाजी, हंगामा, धमकी या अभद्र व्यवहार पर तत्काल कार्रवाई
- किसी भी लोक सेवक के साथ मारपीट या दुर्व्यवहार गंभीर दंडनीय अपराध
- ऐसे मामलों में BNS, 2023 के तहत FIR दर्ज की जाएगी
प्रतिबंधित वस्तुएं
- हथियार, लाठी-डंडा, ज्वलनशील पदार्थ, स्याही (Ink) आदि ले जाना प्रतिबंधित
- बिना अनुमति वीडियो रिकॉर्डिंग पूरी तरह वर्जित
CCTV और तकनीकी निगरानी
- सभी प्रवेश द्वारों, गलियारों और अधिकारियों के कक्षों में HD CCTV कैमरे
- कम से कम 90 दिन तक फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश
- पैनिक अलार्म और सुरक्षा उपकरण अनिवार्य
घटना होने पर तत्काल कार्रवाई
- घटना स्थल को तुरंत सील कर Chain of Custody सुरक्षित
- घायलों का मेडिको-लीगल परीक्षण
- CCTV फुटेज जांच अधिकारी को उपलब्ध कराना
- जांच अनिवार्य रूप से इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी द्वारा
- दो माह के भीतर जांच पूरी करने के निर्देश
शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था
- नागरिक अपनी शिकायत लिखित रूप में विभागाध्यक्ष/कार्यालयाध्यक्ष को दे सकते हैं
- बल प्रयोग को शिकायत का समाधान नहीं माना जाएगा
शासन का स्पष्ट संदेश
सरकार ने साफ कर दिया है कि सरकारी कार्यालयों में अराजकता, दबाव और हिंसा के लिए अब कोई जगह नहीं होगी। यह SOP न केवल कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बल्कि आम जनता को भी सुव्यवस्थित और सुरक्षित वातावरण प्रदान करेगी।

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