वोकेशनल ट्रेनर को नहीं मिला वेतन, आत्महत्या की दी चेतावनी – कब मिलेगा न्याय?
📍 टिकाबली, कंधमाल (ओडिशा) | 08 मार्च 2025
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और छात्रों को व्यावसायिक प्रशिक्षण (Vocational Training) देने के लिए सरकार ने कई योजनाएं चलाई हैं। लेकिन इन योजनाओं को लागू करने वाले वोकेशनल ट्रेनर्स (Vocational Trainers) की स्थिति दयनीय होती जा रही है। इसका ताजा उदाहरण सरकारी हाई स्कूल, टिकाबली (कंधमाल, ओडिशा) से सामने आया है, जहां एक वोकेशनल ट्रेनर च. आशीष कुमार सुबुधि ने वेतन न मिलने के कारण आत्महत्या की चेतावनी दी है।
📌 4 महीने से नहीं मिला वेतन, 18,000 रुपये भत्ते का भी भुगतान नहीं
वोकेशनल ट्रेनर च. आशीष कुमार सुबुधि ने बताया कि पिछले चार महीनों से उन्हें VTP (Vocational Training Partner) से वेतन नहीं मिला है।
इसके अलावा, शैक्षणिक सत्र 2021-22 के दौरान 18,000 रुपये का क्लेम सेटलमेंट भत्ता भी अब तक नहीं दिया गया है।
इस स्थिति से मानसिक रूप से परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या करने की चेतावनी दी है।
📌 स्कूल प्रबंधन ने बीईओ से की कार्रवाई की मांग
इस गंभीर मामले को देखते हुए सरकारी हाई स्कूल, टिकाबली के हेडमास्टर ने ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर (BEO) को पत्र लिखकर तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है।
उन्होंने पत्र में साफ लिखा कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसे जल्द से जल्द हल किया जाना चाहिए।
📌 वोकेशनल ट्रेनर्स की स्थिति क्यों खराब हो रही है?
भारत में वोकेशनल ट्रेनिंग सिस्टम को मजबूत करने के लिए सरकार ने कई योजनाएं चलाई हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर ट्रेनर्स को समय पर वेतन तक नहीं मिल पाता।
🔴 समस्याएं:
✔️ VTPs द्वारा समय पर भुगतान नहीं किया जाता।
✔️ ट्रेनर्स को नियमित शिक्षक की तरह मान्यता नहीं मिलती।
✔️ सरकारी विभागों में इस मुद्दे पर लापरवाही बनी रहती है।
👉 क्या सरकार और प्रशासन इस पर ध्यान देंगे?
📌 आत्महत्या की चेतावनी – आखिर कब तक चलेगा ये अन्याय?
अगर समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो यह केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे वोकेशनल ट्रेनिंग सिस्टम की विफलता को दर्शाएगा।
➡️ सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि वोकेशनल ट्रेनर्स को समय पर वेतन मिले और वे मानसिक दबाव का शिकार न हों।
➡️ VTPs और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल बनाकर भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए।
➡️ ऐसे मामलों पर तुरंत संज्ञान लिया जाए ताकि किसी भी शिक्षक को इस हद तक जाने की जरूरत न पड़े।
अगर आप इस मुद्दे से सहमत हैं, तो इसे ज्यादा से ज्यादा साझा करें ताकि सरकार और प्रशासन इस पर जल्द से जल्द कार्रवाई करे।
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