फर्जी वीडियो वायरल करने पर मुक्तेश्वर निवासी पर कार्रवाई, ₹10,000 का चालान
नैनीताल।
पर्यटन नगरी नैनीताल में हाल ही में एक भ्रामक वीडियो वायरल होने के बाद जनमानस में भ्रम फैलाने का मामला सामने आया। इस वीडियो में नैनीताल में भारी जाम की तस्वीरें दिखाकर यह दर्शाने का प्रयास किया गया कि शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। लेकिन वीडियो की सच्चाई सामने आने पर नैनीताल पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए वायरल करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध विधिक कार्यवाही की है।
इस पूरे प्रकरण का संज्ञान स्वयं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नैनीताल श्री प्रहलाद नारायण मीणा ने लिया और तत्काल वीडियो की सत्यता की जांच कराने के निर्देश दिए। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वायरल वीडियो पुराना है और इसे वर्तमान की स्थिति बताकर लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश की गई है।
इस वीडियो को कमलेश सिंह असगोला, निवासी पहाड़पानी थाना मुक्तेश्वर द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किया गया था। वीडियो पूरी तरह से तथ्यहीन एवं भ्रामक पाया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना मुक्तेश्वर के थानाध्यक्ष श्री कमित जोशी ने त्वरित कार्यवाही करते हुए कमलेश सिंह के विरुद्ध उत्तराखंड पुलिस अधिनियम के अंतर्गत ₹10,000 का चालान किया।
पुलिस का कड़ा संदेश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री मीणा ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की भ्रामक और असत्य वीडियो न केवल आम जनता को गुमराह करती हैं, बल्कि पर्यटन पर निर्भर शहर नैनीताल की छवि को भी गंभीर क्षति पहुंचाती हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
सोशल मीडिया मॉनिटरिंग पर पैनी नजर
जनपद की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल सभी प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार नजर बनाए हुए है। किसी भी प्रकार की फर्जी, भ्रामक या अफवाहजनक सामग्री के प्रसार पर तत्काल संज्ञान लिया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
जनता से अपील
पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी के साथ करें। किसी भी प्रकार की जानकारी साझा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांचें। बिना पुष्टि के पोस्ट की गई सामग्री से न केवल समाज में भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है, बल्कि ऐसे कार्यों से पूरे जनपद की प्रतिष्ठा भी प्रभावित होती है।
निष्कर्ष
यह मामला सोशल मीडिया की ताकत और जिम्मेदारी की याद दिलाता है। नैनीताल पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्यवाही ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि फर्जी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ अब सख्त रुख अपनाया जाएगा। पर्यटन नगरी की गरिमा बनाए रखने और आमजन में विश्वास कायम रखने के लिए इस प्रकार की सजगता अत्यंत आवश्यक है।
– 'कुमाऊं कनेक्शन' संवाददाता


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