Super money

हल्द्वानी निजी स्कूलों की मनमानी पर शिक्षा विभाग सख्त, 15 स्कूलों को कारण बताओ नोटिस, मान्यता रद्द करने की चेतावनी

 हल्द्वानी , उत्तराखंड 

हल्द्वानी। नैनीताल जिले में शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों की बढ़ती मनमानी पर शिकंजा कसते हुए कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) जीआर जायसवाल के निर्देशन में जिले के 15 निजी स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इन स्कूलों पर एनसीईआरटी के अलावा महंगी पुस्तकें लगवाने, ड्रेस और स्टेशनरी के नाम पर अभिभावकों से जबरन खरीददारी करवाने, मनमानी फीस वृद्धि और प्रवेश शुल्क वसूली जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।



सात दिन में स्पष्टीकरण नहीं तो रद्द होगी मान्यता

सीईओ जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि जिन स्कूलों को नोटिस भेजा गया है, उन्हें सात दिन के भीतर इन अनियमितताओं पर संतोषजनक जवाब देना होगा। यदि समय पर जवाब नहीं मिला या उत्तर असंतोषजनक रहा, तो संबंधित विद्यालयों की मान्यता रद्द की जा सकती है। यह कार्रवाई शिक्षा विभाग की जांच समिति द्वारा किए गए स्थलीय निरीक्षण के आधार पर की गई है।

जांच में सामने आईं ये गड़बड़ियां:

शिक्षा विभाग की जांच टीम ने हल्द्वानी और भीमताल क्षेत्र के कई स्कूलों का निरीक्षण किया, जिसमें कई अहम अनियमितताएं उजागर हुईं:

  1. एनसीईआरटी के अतिरिक्त महंगी किताबें: विद्यालय एनसीईआरटी की पुस्तकों के बजाय निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकें अभिभावकों से जबरन खरीदवा रहे हैं, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।

  2. ड्रेस और स्टेशनरी के लिए विशेष दुकानें निर्धारित: कई स्कूलों ने ड्रेस, कॉपी-किताब और बैग आदि खरीदने के लिए विशेष दुकानों को अनिवार्य किया है, जहां कीमतें बाजार दर से कहीं अधिक हैं।

  3. मनमाने ढंग से फीस वृद्धि: कुछ स्कूलों में बिना किसी स्वीकृति के फीस में भारी वृद्धि की गई है, जिसकी कोई स्पष्ट नीति नहीं है।

  4. प्रवेश शुल्क की वसूली: हर वर्ष नए और पुराने छात्रों से प्रवेश शुल्क लिया जा रहा है, जो कि सरकारी नियमों के खिलाफ है।


नोटिस प्राप्त करने वाले प्रमुख स्कूल:

  1. लक्ष इंटरनेशनल स्कूल, कमलुवागांजा

  2. दीक्षांत इंटरनेशनल स्कूल, हल्द्वानी

  3. पं. बद्रीदत्त पलड़िया सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, लामाचौड़

  4. इमैनुअल पब्लिक स्कूल, रूपनगर मुखानी

  5. एबीएम स्कूल, फतेहपुर हल्द्वानी

  6. हाइलैंडर पब्लिक स्कूल, हल्द्वानी

  7. सीएम मेमोरियल स्कूल, आवास विकास सुभाषनगर

  8. एचडी फाउंडेशन, हल्द्वानी

  9. आधारशिला पब्लिक स्कूल, फतेहपुर हल्द्वानी

  10. सी ग्रीन वैली पब्लिक स्कूल, हल्द्वानी

  11. जीडीजेएम स्कूल, चोरगलिया

  12. जैम पब्लिक स्कूल, हल्द्वानी

  13. टिक्कू मॉडर्न स्कूल, हल्द्वानी

  14. डीएवी पब्लिक स्कूल, हल्द्वानी

  15. हरमन माइनर स्कूल, भीमताल

अभिभावकों को राहत की उम्मीद

शिक्षा विभाग की इस सख्ती से अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है। पिछले कुछ वर्षों से कई अभिभावक निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ आवाज उठा रहे थे, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। अब विभाग द्वारा की गई यह पहल न सिर्फ छात्रों और अभिभावकों के हित में है, बल्कि इससे स्कूलों में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।

सीईओ की चेतावनी

मुख्य शिक्षा अधिकारी जीआर जायसवाल ने साफ शब्दों में कहा है कि अभिभावकों का आर्थिक शोषण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी स्कूल प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया गया है कि वे सभी संबंधित दस्तावेजों के साथ सात दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो विद्यालय की मान्यता रद्द करने की कार्यवाही की जाएगी।

निष्कर्ष

शिक्षा विभाग की यह कार्रवाई एक साहसिक कदम है, जो निजी स्कूलों की जवाबदेही तय करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है। यदि यह पहल ठोस कार्रवाई में तब्दील होती है तो इससे हजारों छात्रों और अभिभावकों को राहत मिलेगी, जो लंबे समय से निजी स्कूलों की मनमानी का शिकार होते आ रहे हैं।

#HaldwaniNews #EducationNews #PrivateSchools #UttarakhandEducation #SchoolNotice




कोई टिप्पणी नहीं

merrymoonmary के थीम चित्र. Blogger द्वारा संचालित.