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उधम सिंह नगर में स्कूलों का समय फिर बदला: अब सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक लगेंगी कक्षाएं - संशोधित आदेश जारी ..

ऊधम सिंह नगर: गर्मी की तीव्रता को देखते हुए जिले में संचालित सभी राजकीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केन्द्रों के संचालन समय में एक बार फिर संशोधन किया गया है। जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री नितिन सिंह भदौरिया द्वारा 30 अप्रैल 2025 को जारी संशोधित आदेश के अनुसार अब समस्त विद्यालयों का संचालन समय प्रातः 07:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक निर्धारित किया गया है।



इससे पहले 29 अप्रैल 2025 को कार्यालय आदेश संख्या 291/आ०प्र० प्रा०/मानसून-2025 के अंतर्गत विद्यालयों का समय प्रातः 07:00 बजे से 11:30 बजे तक निर्धारित किया गया था। लेकिन जनपद में पड़ रही भीषण गर्मी तथा छात्रों की सुरक्षा और शैक्षणिक गतिविधियों की निरंतरता को ध्यान में रखते हुए अब यह समय 30 मिनट बढ़ाकर दोपहर 12:00 बजे तक कर दिया गया है।

यह निर्णय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आपातकालीन परिस्थितियों में छात्रों और शैक्षिक संस्थानों के हित को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इस संशोधित समय सारणी का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार की अवहेलना को आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51(ख) के तहत गंभीर उल्लंघन माना जाएगा, जिस पर विधिसम्मत कार्रवाई की जा सकती है।

आदेश का प्रभाव और पालन

संशोधित आदेश का पालन जिले के कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, गैर-सरकारी एवं मान्यता प्राप्त स्कूलों के साथ-साथ सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर तत्काल प्रभाव से लागू होगा। मुख्य शिक्षा अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को आदेश की प्रति भेज दी गई है ताकि आदेश का पालन सुनिश्चित कराया जा सके।

इसके साथ ही आदेश की प्रतिलिपि सचिव, आपदा प्रबंधन पुनर्वास अनुभाग उत्तराखंड शासन, आयुक्त कुमाऊं मंडल नैनीताल, मुख्य विकास अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है, ताकि वे आवश्यक समन्वय और निगरानी कर सकें।

जनहित में लिया गया निर्णय

उधम सिंह नगर में तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में समय में परिवर्तन करके जिला प्रशासन ने एक संवेदनशील और दूरदर्शी निर्णय लिया है। यह कदम विद्यार्थियों की शारीरिक सुरक्षा के साथ-साथ पठन-पाठन की प्रक्रिया को संतुलित बनाए रखने के लिए जरूरी था।

अभिभावकों की प्रतिक्रिया

अभिभावकों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है। उनका मानना है कि बच्चों को सुबह के अपेक्षाकृत ठंडे समय में स्कूल जाना अधिक सुरक्षित रहता है और दोपहर की चिलचिलाती धूप में घर लौटने से भी राहत मिलती है। साथ ही, समय बढ़ाए जाने से शिक्षण कार्य की निरंतरता भी बनी रहेगी।


जिला प्रशासन की यह पहल न सिर्फ एक प्रशासनिक निर्णय है, बल्कि यह छात्रों की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था की निरंतरता सुनिश्चित करने का एक समर्पित प्रयास भी है। विद्यालय प्रशासन, शिक्षक, अभिभावक और छात्र सभी को इस आदेश का पालन करते हुए सहयोग करना होगा ताकि गर्मी के इस मौसम में किसी भी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके।


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