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वोकेशनल शिक्षक बनाम सिस्टम की जंग । 80 हजार छात्रों की पढ़ाई संकट में

द कुमाऊं कनेक्शन | एजुकेशन डेस्क | शिमला से विशेष रिपोर्ट| 7 अप्रैल 2025


प्रदेशभर के वोकेशनल शिक्षकों का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। शिमला के चौड़ा मैदान में धरने पर बैठे शिक्षकों ने साफ कर दिया है कि अब वे कंपनियों के अधीन काम नहीं करेंगे। यह आंदोलन लगातार 10वें दिन भी जारी रहा, और अब शिक्षकों का कहना है कि यह सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि आर-पार की लड़ाई है।



2174 वोकेशनल शिक्षक, जो राज्य के 1100 स्कूलों में नियुक्त हैं, लगातार प्रदर्शन पर डटे हुए हैं। इस हड़ताल का असर साफ तौर पर 80,000 से अधिक छात्रों की शिक्षा पर पड़ा है, क्योंकि वोकेशनल विषयों की पढ़ाई पूरी तरह ठप हो गई है।

शिक्षकों की मुख्य मांगें:

  • शोषण करने वाली निजी कंपनियों को हटाया जाए।

  • शिक्षकों को नियमित किया जाए और शिक्षा विभाग के अधीन लाया जाए।

  • एमओयू (MoU) को रद्द कर शिक्षकों को समय पर मानदेय दिया जाए।

  • शिक्षकों को अन्य कार्यों का बोझ न दिया जाए, सिर्फ पढ़ाई तक सीमित रखा जाए।



शिक्षकों की नाराज़गी क्यों?

शिक्षकों का कहना है कि फरवरी में भी इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने आंदोलन किया था, तब शिक्षा मंत्री ने आश्वासन देकर धरना खत्म कराया था। लेकिन जब वादे पूरे नहीं हुए और मार्च में पुनः कंपनियों के साथ एमओयू साइन कर दिया गया, तो उन्होंने इसे विश्वासघात माना।


कंपनी का अल्टीमेटम – वापस नहीं लौटे तो होगी कार्रवाई

कंपनी ने शिक्षकों को मेल भेजकर जल्द ड्यूटी जॉइन करने को कहा है और चेतावनी दी है कि ऐसा न करने पर कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद शिक्षकों ने कंपनियों के सभी ऑनलाइन ग्रुप्स छोड़ दिए हैं और साफ कर दिया है कि अब वे वापस पीछे नहीं हटेंगे।



शिक्षा विभाग का रुख – शिक्षक कंपनी के अधीन ही रहेंगे

शिक्षा मंत्री श्री रोहित ठाकुर ने बयान जारी कर कहा है कि शिक्षकों की छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं और सरकार नई पॉलिसी पर विचार कर रही है, लेकिन फिलहाल शिक्षक कंपनी के अधीन ही रहेंगे। मंत्री के इस बयान से शिक्षक और भी अधिक आक्रोशित हो गए हैं।

इन विषयों की पढ़ाई सबसे अधिक प्रभावित

  • ऑटोमोबाइल

  • एग्रीकल्चर

  • ब्यूटी एंड वेलनेस

  • हेल्थकेयर

  • इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन

  • मीडिया एंड एंटरटेनमेंट

  • रिटेल

  • सिक्योरिटी

  • टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी

  • आईटीईएस

  • टेलीकॉम

  • सीएफएसआई

  • प्लंबिंग

  • फिजिकल एजुकेशन


छात्र भी परेशान, भविष्य अधर में

स्कूलों में अन्य विषयों की पढ़ाई सामान्य रूप से चल रही है, लेकिन वोकेशनल क्लास न होने से छात्र कंफ्यूजन और मानसिक तनाव में हैं। कई छात्रों का कहना है कि अगर यह स्थिति लंबे समय तक रही तो उनका करियर प्रभावित हो सकता है।





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