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रामगढ़ में जल स्रोतों में सीवर की गंदगी, ग्रामीणों ने होटल और बिल्डरों के खिलाफ खोला मोर्चा

 रामगढ़/मुक्तेश्वर। सूफी और सतबुंगा के समीप स्थित जंगल सीपा में प्राकृतिक जल स्रोतों में सीवर की गंदगी मिलाने को लेकर ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है। गुरुवार सुबह जैसे ही घरों में पानी पहुंचा, ग्रामीणों ने देखा कि उसमें सीवर का गंदा पानी मिला हुआ है। यह देख ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए होटल प्रबंधन और बिल्डरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।


ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में मौजूद कुछ होटल और निर्माण कार्यों से जुड़े बिल्डर अवैध रूप से जंगलों में सीवर और गंदगी छोड़ रहे हैं, जिससे जल स्रोत दूषित हो रहे हैं। इन स्रोतों से दर्जनों ग्राम सभाओं को पेयजल आपूर्ति होती है, जिससे हजारों लोग प्रभावित हो रहे हैं।

सूचना मिलते ही पूर्व ब्लॉक प्रमुख लाखन नेगी और पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री हरीश पनेरु मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर जल स्रोत का निरीक्षण किया, जहां सीवर का गंदा पानी साफ नजर आया। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुक्तेश्वर पुलिस भी मौके पर पहुंची और एक होटल स्वामी का चालान किया। ग्रामीणों ने मुक्तेश्वर थाने में इस संबंध में तहरीर देकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

 "पर्वतीय क्षेत्रों में जल स्रोत ही लोगों की जीवन रेखा हैं। अगर इन्हें दूषित किया गया तो लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडराने लगेगा। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।"

 --लाखन नेगी (पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामगढ़)


 "अगर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"

--हरीश पनेरू 

इस घटनाक्रम में रेखा गौड़, नीरज कुमार, भगवत सिंह, मोहन सिंह और गणेश सिंह नंदगानी सहित कई ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की।



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