अल्मोड़ा पुलिस ने बच्चों को सिखाया सुरक्षित इंटरनेट इस्तेमाल और नशे से बचाव के उपाय
अल्मोड़ा, उत्तराखण्ड
जनपद अल्मोड़ा पुलिस द्वारा जिले के विभिन्न स्कूलों में छात्र-छात्राओं के बीच जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा, नशे के दुष्परिणाम, यातायात नियमों तथा विभिन्न हेल्पलाइन नम्बरों की जानकारी देकर सजग व सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
"Stay Safe, Stay Aware" के संदेश के साथ आयोजित इस अभियान में पुलिस अधिकारियों द्वारा छात्रों से सीधा संवाद स्थापित किया जा रहा है। साइबर सुरक्षा के संबंध में विद्यार्थियों को बताया गया कि वे सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग तथा इंटरनेट बैंकिंग जैसी सुविधाओं का उपयोग करते समय सतर्कता बरतें। अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, व्यक्तिगत जानकारी किसी से साझा न करें और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत परिजनों व पुलिस को दें।
साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे को देखते हुए छात्रों को यह भी सिखाया गया कि वे साइबर बुलिंग, फिशिंग, और फ्रॉड कॉल्स जैसी गतिविधियों से कैसे बच सकते हैं। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इंटरनेट पर थोड़ी सी लापरवाही बड़ी हानि पहुँचा सकती है, इसलिए हर कदम सोच-समझकर उठाना चाहिए।
इसके अलावा, नशे के दुष्परिणामों पर भी छात्रों को गंभीरता से समझाया गया। पुलिस टीम ने नशे की लत से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। छात्रों को बताया गया कि नशा न केवल उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है बल्कि उनके भविष्य को भी अंधकारमय बना सकता है। नशे की प्रवृत्ति से दूर रहने तथा अपने साथियों को भी इसके खिलाफ जागरूक करने का आह्वान किया गया।
यातायात नियमों पर छात्रों को प्रशिक्षण देते हुए पुलिस ने कहा कि सड़क पर सुरक्षित चलने के लिए नियमों का पालन अनिवार्य है। हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना, तेज गति से वाहन न चलाना तथा सड़क पार करते समय सावधानी बरतने जैसे बुनियादी नियमों पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटनाओं से बचाव के लिए जागरूकता और नियमों का पालन बेहद जरूरी है।
साथ ही, विद्यार्थियों को विभिन्न हेल्पलाइन नम्बरों की जानकारी दी गई, जिनके माध्यम से वे आवश्यकता पड़ने पर पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन, साइबर सेल आदि से सहायता प्राप्त कर सकते हैं। महिला हेल्पलाइन नंबर, आपातकालीन सेवा नंबर 112, तथा साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 की विशेष जानकारी दी गई।
अभियान के दौरान बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। उन्होंने साइबर सुरक्षा, नशे की रोकथाम और यातायात नियमों से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनका पुलिस अधिकारियों ने सरल व प्रभावी ढंग से समाधान किया।
अल्मोड़ा पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों में प्रारंभिक स्तर से ही सही आदतें और सजगता विकसित करना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराध, नशाखोरी और सड़क दुर्घटनाओं जैसी समस्याओं से निपटने के लिए युवाओं को शिक्षित करना आवश्यक है।
जनपद अल्मोड़ा पुलिस का यह प्रयास न केवल विद्यार्थियों को जागरूक कर रहा है, बल्कि समाज में एक सकारात्मक संदेश भी फैला रहा है। ऐसे अभियानों के माध्यम से भविष्य में एक सुरक्षित, जागरूक और स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।



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