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नैनीताल में हिंदू-मुस्लिम तनाव: दुष्कर्म के बाद भड़की हिंसा..

नैनीताल, 1 मई 2025 – सरोवर नगरी नैनीताल बुधवार रात अचानक सांप्रदायिक तनाव की चपेट में आ गई, जब एक किशोरी से दुष्कर्म का मामला सामने आया। आरोपी एक समुदाय विशेष का बुजुर्ग बताया जा रहा है, जिसकी पहचान एक ठेकेदार के रूप में हुई है। इस घटना की जानकारी मिलते ही शहर में आक्रोश फैल गया और देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए।

सूत्रों के अनुसार, किशोरी की मां रिश्तेदारी में बाहर गई हुई थी और घर के कामकाज के लिए आरोपी ने उसे तीन दिन पहले अपने घर बुलाया। पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने उसे 200 रुपये देकर अगली सुबह कार में बैठाकर सुनसान स्थान पर ले जाकर दुष्कर्म किया और फिर एक प्रमुख रोड पर उतारकर चला गया। जब किशोरी ने परिजनों को इस बारे में बताया तो वे उसे लेकर मल्लीताल कोतवाली पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।

जैसे ही यह मामला सार्वजनिक हुआ, हिंदू संगठनों के लोग भारी संख्या में कोतवाली पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते मल्लीताल से तल्लीताल तक समुदाय विशेष की दुकानों में तोड़फोड़ शुरू हो गई। कुछ दुकानदारों को बाहर निकालकर पीटा गया, वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया। गाड़ी पड़ाव इलाके में घरों में भी पत्थरबाजी और तोड़फोड़ की खबरें सामने आईं।

स्थिति बिगड़ती देख भारी पुलिस बल मौके पर बुलाया गया। पुलिस अधीक्षक (क्राइम) डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है और पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। हालात काबू में करने के लिए आसपास के थानों से फोर्स बुला ली गई है।

बवाल के दौरान मल्लीताल कोतवाली के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोपी को पुलिस से अपने हवाले करने की मांग की। जब पुलिस ने ऐसा करने से इनकार किया तो प्रदर्शनकारियों ने धरना शुरू कर दिया और नारेबाजी करने लगे। पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा, जिससे कुछ लोगों के घायल होने की आशंका है।

इस बीच एक बड़ा विवाद उस समय और गहराया जब आरोपी के बेटे के उसी सरकारी अस्पताल में डॉक्टर होने की वजह से पीड़िता का मेडिकल वहीं कराने की तैयारी की गई। लोगों ने इसे निष्पक्षता के खिलाफ बताते हुए मेडिकल दूसरे अस्पताल में कराने की मांग की।

प्रशासन की अपील:
नैनीताल प्रशासन और पुलिस ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सांप्रदायिक तनाव फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

निष्कर्ष:
यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना जहां एक ओर मासूम बच्ची के साथ हुए जघन्य अपराध को दर्शाती है, वहीं दूसरी ओर कानून व्यवस्था के प्रति लोगों के विश्वास में आई दरार को भी उजागर करती है। ऐसे समय में समाज को मिलकर संयम और शांति बनाए रखने की आवश्यकता है ताकि न्याय की प्रक्रिया बाधित न हो और दोषियों को सजा मिल सके।


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