DPS हल्द्वानी में ‘प्रकृति संरक्षण’ विषय पर इंटर-हाउस डिबेट प्रतियोगिता का आयोजन
हल्द्वानी, 21 अप्रैल 2025 – दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) हल्द्वानी में ‘प्रकृति संरक्षण’ विषय पर एक भव्य अंतर-सदन वाद-विवाद प्रतियोगिता (Inter-House Debate Competition) का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में विद्यालय के चारों सदनों — यमुना, गंगा, चिनाब और सतलज — से कुल 24 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य छात्रों में तार्किक सोच, प्रभावशाली अभिव्यक्ति, और पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता को प्रोत्साहित करना था।
छात्रों ने मंच पर दिखाया आत्मविश्वास और वाकपटुता
प्रतियोगिता तीन वर्गों — कक्षा छह, सात और आठ — में आयोजित की गई। सभी प्रतिभागियों ने पक्ष और विपक्ष में तर्क प्रस्तुत करते हुए वाककला का बेहतरीन प्रदर्शन किया। छात्रों ने वातावरणीय संकट, प्राकृतिक संसाधनों की कमी, और मानव हस्तक्षेप से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान जैसे मुद्दों पर गंभीर तर्क रखे।
प्रतियोगिता के विजेता छात्र
निर्णायक मंडल द्वारा तीनों वर्गों के सर्वश्रेष्ठ वक्ताओं का चयन किया गया। विजेताओं की सूची इस प्रकार रही:
कक्षा 8वीं:
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प्रथम स्थान: परिणिति धपोला (विपक्ष), यमुना सदन
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द्वितीय स्थान: वंशिका जोशी (पक्ष), गंगा सदन
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तृतीय स्थान: दिव्यांश मटियाली (पक्ष), चिनाब सदन
कक्षा 7वीं:
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प्रथम स्थान: आरम्भ दुम्का (पक्ष), यमुना सदन
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द्वितीय स्थान: अरायना (पक्ष), सतलज सदन
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तृतीय स्थान: प्रियांश (विपक्ष), सतलज सदन
कक्षा 6वीं:
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प्रथम स्थान: मान्या पांडे (विपक्ष), चिनाब सदन
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द्वितीय स्थान: भावेश पंत (पक्ष), यमुना सदन
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तृतीय स्थान: हर्षवर्धन जोशी (पक्ष), सतलज सदन
प्रधानाचार्या ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित
प्रतियोगिता के समापन पर विद्यालय की प्रधानाचार्या महोदया ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा,
“वाद-विवाद जैसी गतिविधियाँ छात्रों को सामाजिक मुद्दों की समझ विकसित करने के साथ-साथ आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को निखारने का अवसर देती हैं। ‘प्रकृति संरक्षण’ आज के समय की महती आवश्यकता है, और हमें इस दिशा में सजग नागरिक तैयार करने होंगे।”
DPS हल्द्वानी का एक और कदम जागरूक पीढ़ी की ओर
यह आयोजन न केवल छात्रों की भाषण कला को निखारने का माध्यम बना, बल्कि उन्हें प्रकृति के प्रति जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने के लिए भी प्रेरित कर गया। DPS हल्द्वानी ने एक बार फिर साबित किया कि वह शैक्षिक गुणवत्ता के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।






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