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केदारनाथ धाम में कपाट खुले, 108 कुंतल फूलों से बाबा केदार को अर्पित हुई श्रद्धा

द कुमाऊं कनेक्शन, रुद्रप्रयाग 

उत्तराखंड स्थित बाबा केदारनाथ धाम के कपाट शुक्रवार सुबह 7 बजे विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इस अवसर पर देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु बाबा केदार के प्रथम दर्शन के लिए धाम पहुंचे और हर-हर महादेव के जयकारों से वायुमंडल गूंज उठा। कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा ने धार्मिक उर्जा और भक्ति के साथ एक नया अध्याय आरंभ किया।

बाबा केदार के मंदिर को इस बार विशेष रूप से 108 कुंतल फूलों से सजाया गया। इन फूलों की व्यवस्था गुजरात और ऋषिकेश के फूल व्यापारियों द्वारा की गई थी। रंग-बिरंगे फूलों से सजा मंदिर परिसर दिव्य और भव्य आभा के साथ भक्तों को मंत्रमुग्ध कर रहा था। मंदिर के प्रवेश द्वार, गुंबद, दीवारें और गर्भगृह को फूलों से इस तरह सजाया गया कि हर कोना श्रद्धा और सौंदर्य से निखर उठा।

पहली बार हुआ चारधाम कपाटोत्सव का सीधा प्रसारण
इस बार का कपाटोत्सव ऐतिहासिक रहा, क्योंकि पहली बार आकाशवाणी की ओर से चारधाम के कपाट खुलने का आंखों देखा हाल (लाइव प्रसारण) किया गया। आकाशवाणी दून केंद्र की कार्यक्रम प्रमुख मंजुला नेगी ने बताया कि चारधाम यात्रा से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण गतिविधियों को इस बार रेडियो, ओटीटी, यूट्यूब और मोबाइल ऐप के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि 30 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने का लाइव प्रसारण सफलतापूर्वक किया गया था। अब 2 मई को केदारनाथ और 4 मई को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की झलकियां भी देश-दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाई जा रही हैं। आकाशवाणी दिल्ली का नेशनल नेटवर्क, 'न्यूज़ ऑन एयर' मोबाइल ऐप, ऑफिशियल यूट्यूब स्ट्रीमिंग और आराधना चैनल के जरिए श्रद्धालु इन पवित्र क्षणों को घर बैठे अनुभव कर पा रहे हैं।

श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
कपाट खुलने के इस पावन अवसर पर केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। मंदिर खुलने से पहले ही लंबी कतारें लग गई थीं। प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस, होमगार्ड, स्वास्थ्य कर्मियों और स्वयंसेवकों की टीम हर मोर्चे पर मुस्तैद दिखी।

चारधाम यात्रा का औपचारिक शुभारंभ शनिवार को
चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ शनिवार को ऋषिकेश से होगा। कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर देश-दुनिया से आए तीर्थयात्रियों और आम नागरिकों को पारंपरिक पहाड़ी गढ़ भोज 'भड्डू की दाल और भात' परोसा जाएगा, जिससे इस आयोजन में सांस्कृतिक रंग भी जुड़ेंगे।

प्रशासन पूरी तरह तैयार
धाम में यात्रियों की सुविधा के लिए हेलीकॉप्टर सेवा, बैसाखियों पर चलने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष सहायता, चिकित्सा शिविर, मोबाइल टॉयलेट्स, साफ-सफाई, जलपान और ठहरने की पूरी व्यवस्था की गई है। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

श्रद्धा, तकनीक और परंपरा का संगम
इस बार की यात्रा और कपाटोत्सव विशेष रूप से इसलिए भी यादगार रहेगा क्योंकि इसमें श्रद्धा के साथ-साथ आधुनिक तकनीक और परंपरा का बेहतरीन समावेश देखने को मिला। लाइव स्ट्रीमिंग से लेकर पारंपरिक भोज तक हर पहलू में देवभूमि की संस्कृति और आध्यात्मिक शक्ति की झलक मिली।

निष्कर्ष
केदारनाथ धाम में कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा ने एक नई ऊर्जा के साथ शुरुआत की है। श्रद्धा, सेवा, व्यवस्था और तकनीक के मेल ने इस वर्ष की यात्रा को विशेष बना दिया है। अब जब सभी धामों के कपाट एक-एक कर खुल रहे हैं, श्रद्धालुओं में उत्साह चरम पर है। यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना का भी प्रतीक बन चुकी है।




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