घर के आंगन में खेल रही मासूम की बाल्टी में डूबकर मौत, परिवार सदमे में
रामनगर (उत्तराखंड)। शहर के पूछड़ी क्षेत्र में बुधवार को उस समय मातम पसर गया जब एक डेढ़ साल की मासूम बच्ची की घर के आंगन में रखी पानी से भरी बाल्टी में डूबने से मौत हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब बच्ची घर पर अकेली थी और उसका ध्यान रखने वाला कोई मौजूद नहीं था। इस हृदयविदारक घटना ने इलाके के हर व्यक्ति को झकझोर कर रख दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृत बच्ची की पहचान रचना (उम्र लगभग डेढ़ वर्ष) के रूप में हुई है। रचना के पिता इंदर कुमार और मां दोनों मजदूरी करते हैं। रोज की तरह बुधवार सुबह भी वे अपने काम पर निकल गए थे। रचना के अलावा उनके तीन और बेटे हैं, जिनकी उम्र क्रमश: नौ, छह और तीन साल बताई जा रही है। घटना के समय तीनों बड़े भाई कुछ समय के लिए खेलने बाहर चले गए थे, जिससे मासूम रचना घर में अकेली रह गई थी।
घर का आंगन ही रचना का खेलने का स्थान था। वह उसी जगह अपने खिलौनों के साथ खेल रही थी, जहां एक कोने में पानी से भरी बाल्टी रखी हुई थी। मासूम खेलने-खेलने में बाल्टी के पास पहुंच गई और संतुलन बिगड़ने के चलते मुंह के बल बाल्टी में गिर पड़ी। इतनी छोटी उम्र की बच्ची के लिए पानी की एक सामान्य बाल्टी भी मौत का कारण बन सकती है, और दुर्भाग्यवश रचना के साथ यही हुआ।
घटना की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बच्ची की चीख या गिरने की आवाज किसी को सुनाई नहीं दी। घर में कोई बड़ा मौजूद न होने के कारण वह बाल्टी में ही फंसी रही और कुछ ही मिनटों में दम घुटने से उसकी मौत हो गई।
कुछ समय बाद जब उसके भाई खेलने से वापस लौटे तो उन्होंने आंगन में रचना को बाल्टी में पड़े देखा। पहले तो वे कुछ समझ नहीं पाए, लेकिन जब रचना की कोई हरकत नहीं दिखी तो वे चीखने-चिल्लाने लगे। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर पास-पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत बच्ची को बाल्टी से बाहर निकाला। हालात गंभीर देख लोगों ने तुरंत बच्ची के माता-पिता को फोन कर बुलाया।
माता-पिता मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में बच्ची को लेकर रामनगर के सरकारी अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया।
बच्ची की मौत की खबर सुनते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। आस-पड़ोस के लोग इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध हैं और परिवार को ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहे हैं। कोई नहीं समझ पा रहा कि मात्र डेढ़ साल की बच्ची के साथ ऐसा हादसा कैसे हो गया। रचना की मां बार-बार बेसुध हो रही हैं और पिता इंदर कुमार का रो-रो कर बुरा हाल है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में जनजागरूकता फैलाने की जरूरत है ताकि भविष्य में कोई और मासूम ऐसी लापरवाही का शिकार न हो। बाल्टी, टंकी या अन्य पानी के बर्तन घरों में बच्चों की पहुंच से दूर रखने की अपील की जा रही है।
यह घटना एक दर्दनाक याद दिलाती है कि घर के भीतर भी छोटी-छोटी लापरवाहियां कैसे बड़े हादसे का रूप ले सकती हैं। रचना की असमय मौत न सिर्फ उसके परिवार के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है।



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