फर्जी सिम से महिला को भेजे अश्लील संदेश, पिथौरागढ़ पुलिस की साइबर निगरानी से आरोपी गिरफ्तार
पिथौरागढ़ (डीडीहाट): उत्तराखंड पुलिस की साइबर निगरानी प्रणाली ने एक बार फिर अपनी तत्परता और दक्षता का परिचय देते हुए एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। डीडीहाट क्षेत्र की एक महिला को फर्जी सिम कार्ड के माध्यम से लगातार अश्लील कॉल और आपत्तिजनक संदेश भेजे जा रहे थे, जिससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान थी। इस गंभीर मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने त्वरित जांच शुरू की और साइबर सेल व सर्विलांस टीम की मदद से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
डीडीहाट कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कोई अज्ञात व्यक्ति उसे लगातार अश्लील संदेश और कॉल्स कर रहा है। मामला महिला की गरिमा और मानसिक स्थिति से जुड़ा हुआ था, इसलिए पुलिस ने इसे प्राथमिकता पर लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी ने फर्जी पहचान का उपयोग करते हुए सिम कार्ड खरीदा था, ताकि उसकी पहचान न हो सके।
पुलिस ने सर्विलांस और तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से मोबाइल नंबर की लोकेशन ट्रेस की। साथ ही कॉल डिटेल्स और संदेशों की जांच कर संदिग्ध की पहचान की गई। आरोपी की लोकेशन की पुष्टि होते ही पुलिस ने छापा मार कार्रवाई की और उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार व्यक्ति के पास से आपत्तिजनक संदेश भेजने में प्रयुक्त मोबाइल फोन और फर्जी सिम कार्ड भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 78 BNS (भारतीय न्याय संहिता 2023) और आईटी एक्ट की धारा 67(A) के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया है। इस पूरे मामले में सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले विक्रेता की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिसकी जांच की जा रही है। यदि सिम विक्रेता की संलिप्तता या लापरवाही सिद्ध होती है तो उसके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि पिथौरागढ़ पुलिस साइबर अपराधों को लेकर सजग और सशक्त रूप से काम कर रही है। महिला सुरक्षा के प्रति पुलिस की सक्रियता समाज के लिए सकारात्मक संदेश है।
उत्तराखंड पुलिस ने आम जनता से की अपील:
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई महिला या लड़की साइबर उत्पीड़न, अश्लील संदेशों, फोन कॉल्स या किसी भी प्रकार के डिजिटल अपराध का शिकार होती है, तो वह 1090 महिला हेल्पलाइन या नजदीकी थाना में बिना किसी संकोच के शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस ने यह भी आश्वासन दिया है कि पीड़िता की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और उसे पूरा न्याय दिलाया जाएगा।
निष्कर्षतः, यह घटना केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी भर नहीं है, बल्कि यह एक संकेत है कि समाज में डिजिटल माध्यम से महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों को पुलिस नजरअंदाज नहीं कर रही है। साइबर निगरानी और तकनीकी दक्षता के माध्यम से ऐसे अपराधियों को सख्त सजा दिलाना अब संभव हो पाया है। पिथौरागढ़ पुलिस की इस तत्परता से निश्चित ही अन्य क्षेत्रों को भी प्रेरणा मिलेगी।



Post a Comment