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देहरादून में किसानों के लिए तकनीक आधारित क्रांति: सीएम धामी ने लॉन्च की e-RUPI प्रणाली और चार नई कृषि नीतियाँ

देहरादून, 18 मई 2025:

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज राजधानी देहरादून में किसानों की भलाई और कृषि व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक महत्त्वपूर्ण पहल की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने e-RUPI प्रणाली और चार नई कृषि नीतियों का शुभारंभ किया, जो राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही हैं।


मुख्य घोषणाएं:

  1. e-RUPI प्रणाली का शुभारंभ
    यह डिजिटल वाउचर प्रणाली किसानों को सरकारी सब्सिडी और सहायता राशि कैशलेस, कॉन्टैक्टलेस और पारदर्शी तरीके से सीधे उपलब्ध कराएगी। यह सुनिश्चित करेगा कि आर्थिक सहायता निर्धारित सेवा या उत्पाद पर ही खर्च हो।

  2. कीवी नीति
    उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष नीति। इसका लक्ष्य स्थानीय किसानों को नकदी फसल की ओर प्रोत्साहित करना है।

  3. ड्रैगन फ्रूट मिशन
    इस नीति के अंतर्गत राज्य में ड्रैगन फ्रूट की खेती को प्रोत्साहन मिलेगा। यह फल कम पानी में उगने वाला, पोषणयुक्त और निर्यात योग्य है।

  4. सेब तुड़ाई उपरांत भंडारण योजना
    सेब उत्पादकों को आधुनिक कोल्ड स्टोरेज सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में यह योजना क्रांतिकारी सिद्ध हो सकती है। इसका उद्देश्य है पोस्ट-हार्वेस्ट लॉस को कम करना और किसानों को बेहतर दाम दिलवाना।

  5. मिलेट मिशन
    मोटे अनाज (जैसे झंगोरा, मडुवा) की खेती को बढ़ावा देने हेतु यह मिशन शुरू किया गया। इससे किसानों को पोषण और आय का दोहरा लाभ मिलेगा।


सीएम धामी का बयान:

मुख्यमंत्री ने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से कहा,

"e-RUPI प्रणाली हमारी सरकार की पारदर्शी और जवाबदेह नीतियों का प्रमाण है। इससे सहायता राशि का दुरुपयोग रुकेगा और किसानों को योजनाओं का लाभ तय समय में मिलेगा।"


आगे की योजना:

मुख्यमंत्री ने बताया कि जल्द ही राज्य में फ्लावर पॉलिसी और हनी पॉलिसी भी लाने की तैयारी है। इससे बागवानी और मधुमक्खी पालन को नया बढ़ावा मिलेगा।


उपस्थित गणमान्य:

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।


निष्कर्ष:

उत्तराखंड सरकार द्वारा की गई ये घोषणाएं किसानों को आत्मनिर्भर बनाने, तकनीक से जोड़ने और कृषि क्षेत्र में व्यावसायिकता लाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती हैं। e-RUPI जैसी पहल न केवल राज्य बल्कि पूरे देश के लिए एक मॉडल प्रणाली बन सकती है।



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