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कमिश्नर दीपक रावत का जनता दरबार: भूमि विवाद, अतिक्रमण, पारिवारिक झगड़े और सड़क समस्याओं का त्वरित निस्तारण

हल्द्वानी।

शनिवार को कुमाऊं कमिश्नर एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने कैंप कार्यालय में जनता दरबार लगाकर लोगों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही त्वरित समाधान भी किया। इस जनसुनवाई में भूमि विवाद, पारिवारिक झगड़े, अतिक्रमण और सड़क से जुड़ी शिकायतें प्रमुखता से सामने आईं। दीपक रावत ने अधिकारियों को समस्याओं के शीघ्र और पारदर्शी समाधान के निर्देश दिए, साथ ही चेतावनी भी दी कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जनसुनवाई में आये सुंदर सिंह निवासी पटनगांव मूलाकोट, चम्पावत ने बताया कि उन्होंने 1500 वर्गफुट भूमि क्रय की थी और विक्रेता मनोज सिंह धपौला को 13 लाख रुपये एडवांस के रूप में दिए थे। लेकिन तय समयावधि में भूमि की रजिस्ट्री नहीं हो पाई। इस पर उन्होंने अपनी धनराशि वापस दिलाने का अनुरोध किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयुक्त ने विक्रेता को निर्देश दिए कि वह धनराशि समयावधि में लौटाएं। जानकारी के अनुसार मनोज सिंह ने 4.5 लाख रुपये वापस कर दिए हैं और शेष राशि भी जल्द लौटाई जाएगी।

इस दौरान मई माह में पत्रकारों के साथ हुए लिफ्ट हादसे का मामला भी सामने आया। कमिश्नर ने इस घटना की जांच सिटी मजिस्ट्रेट से करवाई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि अब लिफ्ट का संचालन मानकों के अनुसार हो रहा है। इसमें सुरक्षा गार्ड की तैनाती की गई है और क्षमता के अनुरूप अलार्म सिस्टम भी लगा दिया गया है। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों इसके लिए समय-समय पर निगरानी की जाए।

मुखर्जी नगर, जगतपुरा निवासी राधा पांडे ने बताया कि उनका भूखंड बाईपास निर्माण के लिए अधिग्रहित किया गया था, लेकिन उन्हें मुआवजा वर्तमान सर्किल रेट के अनुसार नहीं मिला। उन्होंने न्यायोचित मुआवजे की मांग की। इस पर आयुक्त ने भू-अधिपत्य अधिकारी को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

आयुक्त दीपक रावत ने राजस्व विभाग को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि दाखिल-खारिज की प्रक्रिया में पटवारियों द्वारा दी जाने वाली रिपोर्टों में अक्सर खामियां पाई जाती हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि दाखिल-खारिज से पहले स्थलीय निरीक्षण और अभिलेखों की सघन जांच होनी चाहिए। जानबूझ कर गलत रिपोर्ट लगाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।

जनसुनवाई में अन्य मामलों में रविंद्र कौर ने भूमि पर कब्जा दिलाने की मांग की, सतीश खुल्वे निवासी अंबा बिहार, हल्द्वानी ने अपने लापता पुत्र के संबंध में शिकायत दर्ज कराई, मनोज कुमार बधानी ने धोखाधड़ी से अपनी जाति परिवर्तन कर अकृषक घोषित किए जाने का मामला उठाया और रामपाल कत्था फैक्ट्री के संचालक ने भवन स्वामी द्वारा सामग्री बाहर फेंकने की शिकायत की।

जनसुनवाई में अधिकतर मामलों का समाधान मौके पर ही कर दिया गया। शेष शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित अधिकारियों को सौंपा गया है।

कमिश्नर दीपक रावत की जनसुनवाई आम जनता के लिए राहत लेकर आई, जिससे लोगों को उम्मीद बंधी है कि प्रशासन उनके साथ है और उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेकर त्वरित समाधान के लिए प्रयासरत है।

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