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दुष्कर्म मामले में पनेरू ने उठाई फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग, पुलिस की भूमिका पर सवाल

हल्द्वानी (नैनीताल), 2 मई

— नैनीताल जनपद में मासूम बालिका के साथ हुई अमानवीय घटना ने समूचे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। इस शर्मनाक कृत्य के विरोध में गुरुवार को हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में भारी संख्या में लोगों ने एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया और दोषी के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर जल्द से जल्द कड़ी सजा देने की मांग की।

इस धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व दर्जा राज्य मंत्री हरीश पनेरु ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की शांत वादियों में इस तरह की घटना केवल पीड़िता और उसके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण समाज के लिए गहरा आघात है। उन्होंने पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि इस तरह की घटनाएं सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करती हैं।

पनेरु ने कहा, “नैनीताल जैसे पर्यटन स्थल की पहचान शांति और सुकून के लिए होती है, लेकिन अब वहां का वातावरण भी असुरक्षित होता जा रहा है। पुलिस और प्रशासन की लापरवाही के चलते अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। जिस मासूम के साथ यह अमानवीय कृत्य हुआ है, उसे जल्द से जल्द न्याय मिलना चाहिए।”

पूर्व मंत्री ने मांग की कि इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन कर दोषी को कठोरतम सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की घिनौनी हरकत करने से पहले सौ बार सोचे। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से अपराधियों को संरक्षण मिलता दिखाई दे रहा है, उससे आम जनता का पुलिस से विश्वास उठता जा रहा है।

पनेरु ने बताया कि केवल यह एक घटना ही नहीं है, बल्कि जिले में लगातार असामाजिक तत्वों की गतिविधियां बढ़ती जा रही हैं। सीधे-साधे लोगों को डराया-धमकाया जा रहा है और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। “अगर शीघ्र ही जिले में अमन-चैन बहाल नहीं हुआ, तो हम जन आंदोलन शुरू करेंगे और नैनीताल पुलिस के खिलाफ व्यापक प्रदर्शन करेंगे,” उन्होंने चेतावनी दी।

धरना-प्रदर्शन में शामिल लोगों ने नारेबाजी करते हुए आरोपी को फांसी देने की मांग की। बुद्ध पार्क के चारों ओर "दोषी को सजा दो", "न्याय चाहिए", "बेटियों की रक्षा करो" जैसे नारों की गूंज सुनाई दी। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस मामले में जल्द कार्यवाही नहीं हुई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

धरने में 'पहाड़ी आर्मी' के कार्यकर्ता और कई सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हुए। पहाड़ी आर्मी से जुड़े हरीश रावत, नारायण सिंह बरगली, प्रबल दरमवाल, नवीन आर्य, बद्री सिंह बरगली, राकेश नैनवाल, शुभम लटवाल, मुकेश कुमार, सुरेश कुमार, राजेंद्र कांडपाल समेत अनेक लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और एक स्वर में दोषियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की।

धरना स्थल पर वक्ताओं ने इस बात पर भी चिंता जताई कि नैनीताल जैसे पर्यटन आधारित क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं वहां के व्यवसाय को भी प्रभावित कर रही हैं। “एक दिन की इस घटना ने स्थानीय व्यापारियों के काम-धंधे को काफी नुकसान पहुंचाया है,” पनेरु ने कहा।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि राज्य सरकार और उच्च अधिकारी स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप करें और एक मजबूत संदेश दें कि बेटियों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही पुलिस तंत्र को भी सख्त निर्देश दिए जाएं कि वह क्षेत्र में असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करे।

इस पूरे मामले ने न केवल नैनीताल बल्कि पूरे कुमाऊं क्षेत्र में जनाक्रोश को जन्म दिया है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन सजगता दिखाएगा और पीड़िता को शीघ्र न्याय मिलेगा।

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