भीमताल क्षेत्र में ओलावृष्टि का कहर, धारी-ओखलकांडा के सैकड़ों किसानों की फसलें तबाह, किसानों ने की मुआवजे की मांग
भीमताल, 4 मई 2025:
उत्तराखंड के नैनीताल जनपद में रविवार को अचानक बदले मौसम ने कहर बरपाया। धारी व ओखलकांडा ब्लॉक के कई गांवों में भारी ओलावृष्टि हुई, जिससे क्षेत्र के सैकड़ों किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। खेतों में लहलहाती आलू की फसलें और बागानों में तैयार फलदार वृक्ष ओलों की मार से बर्बाद हो गए हैं। खासकर ग्रामसभा अघरिया, धानाचूली, धारी, क्वैदल, खुटियाखाल सहित ओखलकांडा के दर्जनों गांव इसकी चपेट में आए हैं।
प्राकृतिक आपदा के रूप में आई इस ओलावृष्टि से किसान पूरी तरह टूट चुके हैं। अप्रैल और मई का महीना इन क्षेत्रों में फसल की कटाई और बागवानी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होता है, लेकिन एक घंटे की ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। आलू, मटर, टमाटर जैसी नकदी फसलें जहां पूरी तरह नष्ट हो गईं, वहीं सेब, आड़ू, खुमानी जैसे फलदार वृक्षों को भी काफी क्षति पहुंची है।
गांवों से मिल रही जानकारी के अनुसार, ओले इतने बड़े आकार के थे कि उन्होंने पौधों और फूलों को पूरी तरह झाड़ दिया। खेतों में बिछी सब्जियों की पत्तियां कट गई हैं और मिट्टी में दब चुकी हैं। कई किसानों की साल भर की कमाई इसी फसल पर निर्भर थी। बागवानी करने वाले किसान अब अपने नुकसान को देखकर सदमे में हैं।
ग्राम अघरिया के किसानों ने बताया कि उन्होंने इस वर्ष अपने आलू बोया था और अब वह पूरी तरह बर्बाद हो गया है। वह बैंक से लिया गया कर्ज कैसे चुकाएंगे, यह चिंता उन्हें सता रही है। पुलम, खुमानी ,आड़ू के पेड़ों पर इस बार अच्छा फूल आया था, लेकिन ओलों ने सभी फूल गिरा दिए, जिससे अब फल लगने की संभावना न के बराबर है।
क्षेत्रीय किसानों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते राहत नहीं मिली, तो उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो जाएगी और आने वाले सीजन की बुवाई भी प्रभावित होगी।
गौरतलब है कि पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि व बागवानी ही आजीविका का मुख्य साधन हैं। ऐसे में प्राकृतिक आपदाएं किसानों के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आती हैं। सरकार से उम्मीद की जा रही है कि वह प्रभावित किसानों को जल्द राहत प्रदान करेगी, ताकि वे दोबारा अपनी खेती शुरू कर सकें और जीवन सामान्य हो सके।
- रिपोर्ट: गोकुल चन्द्र, द कुमाऊं कनेक्शन


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