उत्तराखंड में बनेगा स्टेट एग्री-होर्टि एकेडमी: कृषि व बागवानी को मिलेगा बढ़ावा
देहरादून।
उत्तराखंड में कृषि और औद्यानिकी क्षेत्र को नई दिशा देने की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान राज्य में स्टेट एग्री-होर्टि एकेडमी (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) की स्थापना का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया है। यह अकादमी पंतनगर में स्थापित की जाएगी, जो प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग), पैकेजिंग, प्रशिक्षण और अनुसंधान जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर कार्य करेगी। इस निर्णय को उत्तराखंड की कृषि व्यवस्था के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अन्य हिमालयी राज्यों की तर्ज पर उत्तराखंड में भी कृषि एवं बागवानी के क्षेत्र में अधिक अवसरों की तलाश की जाए और उन पर ठोस कार्य योजना तैयार कर केंद्र सरकार को प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य के किसान और युवा तभी लाभान्वित हो सकते हैं जब हम स्थानीय संसाधनों का अधिकतम दोहन कर उनके लिए प्रशिक्षण, अनुसंधान और विपणन के अवसर उपलब्ध कराएं।
भरसार विश्वविद्यालय में माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशाला की स्थापना
मुख्यमंत्री ने औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार (पौड़ी गढ़वाल) में माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशाला स्थापित करने के निर्देश भी दिए हैं। यह प्रयोगशाला पर्वतीय कृषि के लिए उपयोगी सूक्ष्मजीवों (माइक्रोब्स) के अध्ययन और उपयोग को बढ़ावा देगी। इससे जैविक खेती, मृदा सुधार और रोग नियंत्रण के क्षेत्र में राज्य को नई दिशा मिलेगी।
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| Pantnagar agriculture academy CM Dhami |
मिलेट्स पर सेना और विश्वविद्यालय का संयुक्त प्रयास
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पंतनगर विश्वविद्यालय और भारतीय सेना के सहयोग से मिलेट्स (मोटे अनाज) के विभिन्न उत्पादों को विकसित करने की परियोजना पर काम किया जाएगा। मिलेट्स को वर्तमान में सुपरफूड के रूप में पहचान मिल रही है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी इसकी मांग बढ़ी है। उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में इन अनाजों की खेती परंपरागत रूप से होती रही है, ऐसे में इस परियोजना से किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और राज्य की आर्थिकी को भी बल मिलेगा।
एरोमेटिक उत्पादों का वैल्यू एडिशन और प्रोसेसिंग को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने एरोमेटिक उत्पादों जैसे लेमनग्रास, रोजमेरी, पुदीना आदि की प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन को फूड प्रोसेसिंग उद्योग के तहत सम्मिलित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य में इन उत्पादों की अच्छी संभावनाएं हैं लेकिन अभी तक इन्हें वाणिज्यिक रूप से बढ़ावा नहीं मिल पाया है। यदि प्रोसेसिंग यूनिट्स और मार्केटिंग नेटवर्क विकसित किया जाए तो यह क्षेत्र राज्य के युवाओं के लिए रोजगार का नया स्रोत बन सकता है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से रखने के दिए निर्देश
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को राज्य से जुड़े प्रमुख मुद्दों को केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार राज्यों को विकास के लिए हर संभव सहायता दे रही है। ऐसे में उत्तराखंड को भी अपने विकास के लिए योजनाबद्ध और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना होगा।
उत्तराखंड सरकार की यह पहल राज्य की कृषि, बागवानी और औद्योगिक संरचना को नई दिशा देने की ओर एक ठोस कदम है। पंतनगर में बनने जा रही स्टेट एग्री-होर्टि एकेडमी न केवल किसानों के लिए तकनीकी सहायता का केंद्र बनेगी, बल्कि शोध, नवाचार और व्यावसायिक विकास के लिए भी एक आदर्श मंच प्रदान करेगी। इस तरह के प्रयासों से राज्य में स्वरोजगार और पलायन रोकने की दिशा में भी सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं।



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