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'चाहा को होटल’ गीत में दिखी संवेदनहीनता, जिंदा महिला को मरा दिखाने पर बवाल

जोशीमठ (उत्तराखंड):

उत्तराखंड में एक यूट्यूब वीडियो को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मसकबीन नामक यूट्यूब चैनल पर हाल ही में रिलीज किए गए गीत ‘चाहा को होटल 2.0’ में एक जीवित महिला की तस्वीर का इस्तेमाल कर उन्हें मृत दिखाया गया है। इस घटना से महिला के परिजनों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है और उन्होंने इस मामले में जोशीमठ थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह विवादित वीडियो तीन दिन पहले मसकबीन चैनल पर अपलोड किया गया था। वीडियो में चिपको आंदोलन से जुड़े रहे ग्राम लाता के पूर्व प्रधान स्वर्गीय धन सिंह राणा की पत्नी की तस्वीर का प्रयोग किया गया है। उनके पुत्र नरेंद्र राणा ने पुलिस में तहरीर देते हुए बताया कि उनकी माता पूर्णतः स्वस्थ हैं, लेकिन वीडियो में उनकी तस्वीर पर माला डालकर उन्हें मृत दिखाया गया है। यह न केवल उनकी निजता का उल्लंघन है, बल्कि समाज में उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य भी है।

नरेंद्र राणा का कहना है कि जब उन्होंने वीडियो के निर्माता से संपर्क किया तो पता चला कि वह लंदन में हैं। बातचीत में निर्माता ने वीडियो को हटाने या उसमें कोई संपादन करने से साफ इनकार कर दिया। हालांकि बाद में काफी कहने के बाद तस्वीर को हल्का ब्लर कर दिया गया, लेकिन वीडियो अभी भी सार्वजनिक रूप से यूट्यूब पर उपलब्ध है। इस रवैये ने परिजनों को और अधिक आहत किया है।

इस मुद्दे को लेकर जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक अतुल सती भी सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक परिवार की निजता के उल्लंघन का नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर सामाजिक अपराध है जिसमें किसी को बिना अनुमति के अपमानित करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने शनिवार को अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर इस वीडियो का एक स्क्रीनशॉट भी साझा किया और प्रशासन से इस पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

सती ने यह भी कहा कि "यह न केवल पीड़ित परिवार की भावनाओं को आघात पहुंचाने वाला है बल्कि समाज में एक गलत परंपरा को बढ़ावा देने का प्रयास है, जहां किसी की भी तस्वीर का गलत इस्तेमाल कर उसे सार्वजनिक मंचों पर दिखाया जा रहा है।"

इस पूरे मामले से यह स्पष्ट होता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट बनाने वालों को अधिक जिम्मेदार और संवेदनशील होने की आवश्यकता है। बिना अनुमति के किसी की भी तस्वीर या पहचान का इस्तेमाल करना न केवल कानूनन अपराध है बल्कि यह मानवीय मूल्यों के भी खिलाफ है।

जोशीमठ पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच की जा रही है। संबंधित यूट्यूब चैनल और वीडियो निर्माता के खिलाफ उचित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला उन सभी डिजिटल क्रिएटर्स और सोशल मीडिया यूज़र्स के लिए एक चेतावनी है जो किसी की निजता का उल्लंघन कर सामग्री साझा करते हैं। उत्तराखंड जैसे सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील राज्य में इस तरह की घटनाएं समाज में गलत संदेश देती हैं।


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