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ओलावृष्टि से फसलों को हुआ नुकसान, किसानों को शीघ्र मिलेगा मुआवजा: कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत

हल्द्वानी। कुमाऊं मंडल में हाल ही में हुई ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के मद्देनजर प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। शुक्रवार को हल्द्वानी स्थित कैंप कार्यालय में कुमाऊं आयुक्त व मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत की अध्यक्षता में कृषि एवं उद्यान विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें किसानों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

आयुक्त दीपक रावत ने बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि हालिया ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों का यथाशीघ्र सर्वे कर क्षति का आकलन किया जाए और उन्हें फसल बीमा योजना के अंतर्गत मुआवजा प्रदान किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से आड़ू, खुमानी, सेव और सब्ज़ियों की फसलों को हुए नुकसान पर चिंता जताते हुए उद्यान विभाग को निर्देशित किया कि संबंधित जानकारी एकत्र कर शीघ्र बीमा दावा प्रक्रिया शुरू की जाए। इसके लिए संयुक्त निदेशक उद्यान अजय पाल को ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।

बैठक में आयुक्त रावत ने जैविक कृषि को बढ़ावा देने, किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र मुहैया कराने और पर्वतीय क्षेत्रों में पारंपरिक फसलों को पुनर्जीवित करने के लिए ठोस पहल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्वतीय अंचल में कृषि और उद्यान के माध्यम से आमजन की आय बढ़ाई जा सकती है। इसके लिए नवाचारों और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाना समय की मांग है।

आयुक्त ने कहा कि सॉयल हेल्थ कार्ड वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि किसान अपनी भूमि की गुणवत्ता के अनुरूप वैज्ञानिक तरीके से खेती कर सकें। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि और उद्यान आधारित रोजगारपरक योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए किसानों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

बैठक के दौरान संयुक्त निदेशक कृषि पी.के. सिंह ने बताया कि मंडल में 1502 कृषि-उद्यान क्लस्टरों के माध्यम से विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इन क्लस्टरों को पावर ट्रेलर, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स, ग्रेडिंग एवं पैकेजिंग मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे स्थानीय किसानों को आधुनिक सुविधाएं मिल रही हैं।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत अब तक 3 लाख 75 हजार किसानों का सत्यापन कार्य पूर्ण हो चुका है, जिससे उन्हें योजना का लाभ समय पर मिल सकेगा।

कुल मिलाकर, बैठक में किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए कृषि एवं उद्यान योजनाओं की प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। आयुक्त दीपक रावत के स्पष्ट निर्देशों से यह आशा की जा रही है कि ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को जल्द राहत मिलेगी और क्षेत्र में कृषि क्षेत्र को मजबूती प्रदान की जा सकेगी।

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