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टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे पर दर्दनाक हादसा: कार खाई में गिरी, एक की मौत, तीन गंभीर घायल

चंपावत (उत्तराखंड), 9 मई 2025 – टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि तीन अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा चंपावत जिले के सुखीढांग के पास हुआ, जहां एक कार अनियंत्रित होकर करीब 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, चार युवक बरेली (उत्तर प्रदेश) से उत्तराखंड के पिथौरागढ़ घूमने जा रहे थे। उनकी कार (नंबर: UP25 DE 1485) जब सुखीढांग के निकट पहुंची, तो अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क से फिसलकर खाई में गिर गई। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए।

कार में सवार चार युवक—मनोज (27 वर्ष), अर्पित (27 वर्ष), जितेंद्र (22 वर्ष) और अमन यादव (26 वर्ष)—सभी उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद के निवासी बताए जा रहे हैं। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग सबसे पहले मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। इसके कुछ समय बाद पुलिस और एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाया गया।

रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद सभी घायलों को खाई से बाहर निकाला और 108 आपातकालीन सेवा के माध्यम से टनकपुर उपजिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने मनोज पुत्र तेजपाल को मृत घोषित कर दिया। अन्य तीन युवकों की हालत नाजुक बताई जा रही है और उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद हल्द्वानी रेफर किए जाने की संभावना है।

प्रशासन और पुलिस विभाग ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि तीव्र मोड़ पर वाहन का संतुलन बिगड़ गया, जिससे यह हादसा हुआ। हालांकि, अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है, जिनमें तेज रफ्तार, वाहन की तकनीकी खराबी, या चालक की लापरवाही जैसे बिंदु शामिल हैं।

स्थानीय लोगों ने जताया दुख

हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि यह क्षेत्र अतीत में भी कई हादसों का गवाह बन चुका है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत किया जाए, खासकर तीव्र मोड़ों और ढलानों पर रेलिंग और चेतावनी संकेत लगाए जाएं।

टनकपुर-पिथौरागढ़ राजमार्ग पर अक्सर होते हैं हादसे

टनकपुर से लेकर पिथौरागढ़ तक का यह राष्ट्रीय राजमार्ग पहाड़ी और संकरी सड़कों से होकर गुजरता है। बरसात और कोहरे के मौसम में यह मार्ग और भी खतरनाक हो जाता है। पहले भी कई जानलेवा हादसे इस मार्ग पर हो चुके हैं, जिससे इसकी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते रहे हैं।

परिजनों को दी जा रही सूचना

हादसे में मृतक और घायलों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि घायलों का इलाज प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।

प्रशासन ने लोगों से की अपील

प्रशासन ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि पहाड़ी मार्गों पर वाहन चलाते समय अत्यधिक सतर्कता बरतें, गति सीमा का पालन करें और वाहन की तकनीकी जांच कराए बिना यात्रा न करें।

यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षित यात्रा के महत्व और सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित करता है। प्रशासनिक स्तर पर इस मार्ग को और सुरक्षित बनाए जाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की मांग अब और तेज हो गई है।



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