"स्कूल की जांच या सियासी दबाव? लाखन नेगी बोले – जेल मंज़ूर है लेकिन पीछे नहीं हटूंगा"
रामगढ़ (नैनीताल)।
धारी ब्लॉक के एक निर्माणाधीन स्कूल की जांच को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। यह मामला क्षेत्र के चर्चित जनप्रतिनिधि लाखन सिंह नेगी द्वारा बनाए जा रहे स्कूल से जुड़ा है, जहां आज सुबह जिला प्रशासन की एक टीम जांच के लिए पहुंची थी। लेकिन टीम को ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा।
इस दौरान पूर्व उप ब्लॉक प्रमुख गोपाल सिंह बिष्ट भी लखन नेगी के समर्थन में मौके पर पहुंचे और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए। ग्रामीणों ने प्रशासनिक टीम का घेराव कर नारेबाजी की और जांच को "राजनीतिक दबाव में उठाया गया कदम" बताया।
लखन सिंह नेगी ने इस पूरे घटनाक्रम पर सोशल मीडिया पर तीखा बयान जारी किया। उन्होंने लिखा—
“आज सुबह जिला प्रशासन के कानूनगो का फोन आया कि आपके निर्माणाधीन स्कूल की जांच के लिए टीम आ रही है। आख़िर हमने ऐसा क्या कर दिया जो प्रशासन इस आपदा के समय में स्कूल की जांच को ज़रूरी समझ रहा है? किसके दबाव में प्रशासन काम कर रहा है और क्यों? कई सवाल हैं। मुझे जेल भेजने की धमकी दी जा रही है और मेरे परिवार को भी खतरा है। फिर भी मैं अपने क्षेत्र के लोगों के लिए लड़ूंगा चाहे मुझे जेल भेज दिया जाए। मैं हर जांच के लिए तैयार हूं।”
उनकी इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें व्यापक समर्थन मिला और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया।
हालांकि अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है, लेकिन जिस तरह से स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर लामबंद हो रहे हैं, वह इसे एक बड़ा राजनीतिक और जनभावनात्मक मुद्दा बना सकता है।
सूत्रों की मानें तो प्रशासन जांच में किसी निर्माण मानक के उल्लंघन या ज़मीन के उपयोग से जुड़ी शिकायतों की पुष्टि करने आया था, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है ।


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