Uttarakhand News: आउटसोर्स कर्मियों को मिलेगा न्यूनतम वेतन, शासनादेश जारी | 20 फरवरी 2026
देहरादून।
शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय, नैनीताल द्वारा कुन्दन सिंह बनाम उत्तराखण्ड राज्य व अन्य मामलों में पारित आदेशों के अनुपालन में लिया गया है। इसके तहत लंबे समय से उपनल के माध्यम से कार्य कर रहे कर्मियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
क्या है शासनादेश की मुख्य बातें
- उपनल के माध्यम से विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों को न्यूनतम वेतन (Minimum Pay Scale) का लाभ मिलेगा।
- कट-ऑफ डेट 12 नवंबर 2018 तय की गई है। इस तिथि तक निरंतर नियुक्त रहे उपनल कर्मियों को लाभ दिया जाएगा।
- जिन कर्मचारियों की प्रारंभिक नियुक्ति 01 जनवरी 2016 से पहले हुई है, उन्हें भी इस आदेश का लाभ मिलेगा।
- यह आदेश 03 फरवरी 2026 को जारी पूर्व शासनादेश के पैरा-10 में आंशिक संशोधन के रूप में लागू किया गया है।
- शासनादेश के अनुसार लाभ केवल न्यूनतम वेतन तक सीमित रहेगा, नियमित कर्मचारियों के अन्य भत्ते इसमें शामिल नहीं होंगे।
वित्त विभाग की सहमति के बाद लागू
शासनादेश में यह भी उल्लेख है कि यह आदेश वित्त विभाग की ई-जनरेट सहमति (दिनांक 18 फरवरी 2026) के पश्चात जारी किया गया है, जिससे आदेश के क्रियान्वयन का रास्ता साफ हो गया है।
कर्मचारियों में खुशी की लहर
इस निर्णय के बाद राज्यभर में कार्यरत हजारों उपनल कर्मियों में खुशी की लहर है। लंबे समय से समान कार्य के बदले कम वेतन की शिकायत कर रहे कर्मचारियों को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि नियमितीकरण को लेकर अभी कोई स्पष्ट निर्णय नहीं हुआ है, लेकिन इसे उस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है


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