शिक्षा विभाग का सख्त आदेश: Vidya Samiksha Kendra पर उपस्थिति नहीं तो संस्थाध्यक्ष का वेतन रुकेगा
देहरादून,
उत्तराखंड में सहायता प्राप्त अशासकीय एवं मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की कार्यप्रणाली को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य परियोजना कार्यालय ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों और जिला परियोजना अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सभी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों को विद्या समीक्षा केंद्र पोर्टल से अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए और छात्रों व शिक्षकों की दैनिक उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज की जाए।
यह आदेश समग्र शिक्षा उत्तराखंड के राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से जारी किया गया है। पत्र के अनुसार राज्य के कई सहायता प्राप्त अशासकीय और निजी विद्यालय अभी तक छात्रों और शिक्षकों की दैनिक उपस्थिति SwiftChat App के माध्यम से अपलोड नहीं कर रहे हैं, जिससे विभागीय निगरानी व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
21 मार्च से अनिवार्य होगी ऑनलाइन उपस्थिति
राज्य परियोजना कार्यालय ने निर्देश दिए हैं कि 21 मार्च 2026 से प्रदेश के सभी सहायता प्राप्त अशासकीय एवं मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में विद्यार्थियों और शिक्षकों की दैनिक उपस्थिति अनिवार्य रूप से विद्या समीक्षा केंद्र पोर्टल पर अपलोड की जाए। यह उपस्थिति SwiftChat App के माध्यम से दर्ज की जाएगी।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से केवल राजकीय विद्यालयों की ही रियल टाइम उपस्थिति दर्ज हो रही है, जबकि सहायता प्राप्त निजी विद्यालयों से डेटा नियमित रूप से प्राप्त नहीं हो रहा है। इससे विभागीय कार्यप्रणाली और मॉनिटरिंग पर प्रश्नचिह्न लग रहा है।
U-DISE डेटा भी करना होगा अपडेट
पत्र में यह भी कहा गया है कि संबंधित विद्यालयों के U-DISE पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों (छात्र और शिक्षक) में यदि कोई त्रुटि है तो उसे तत्काल ठीक कर अपडेट किया जाए, ताकि सही डेटा के आधार पर उपस्थिति दर्ज हो सके।
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आदेश का पालन नहीं करने पर होगी कार्रवाई
राज्य परियोजना कार्यालय ने चेतावनी दी है कि यदि निर्देशों के बाद भी किसी सहायता प्राप्त अशासकीय विद्यालय द्वारा छात्रों और शिक्षकों की दैनिक उपस्थिति विद्या समीक्षा केंद्र पोर्टल पर दर्ज नहीं की जाती है तो संबंधित संस्थाध्यक्ष का वेतन आहरित (रोक) किया जा सकता है।
यह निर्देश अपर राज्य परियोजना निदेशक मुकुल कुमार सती द्वारा जारी किए गए हैं। विभाग का कहना है कि विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से विद्यालयों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है, इसलिए सभी विद्यालयों का इससे जुड़ना अनिवार्य है।
शिक्षा विभाग के इस कदम को स्कूलों में पारदर्शिता बढ़ाने और विद्यार्थियों की वास्तविक उपस्थिति पर निगरानी मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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