उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला: आउटसोर्स कर्मचारियों को मिलेगा संविदा का लाभ, आदेश जारी
देहरादून,
उत्तराखंड शासन ने विभिन्न विभागों में उपनल (UPNL) के माध्यम से कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। शासन स्तर से जारी आदेश के अनुसार, ऐसे कर्मचारी जिन्होंने 10 वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली है, उन्हें अब विभागीय संविदा के आधार पर समायोजित किया जाएगा। यह आदेश 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना जाएगा।
क्या है आदेश का आधार
यह निर्णय उच्च न्यायालय में दायर याचिका संख्या-116/2018 (कुन्दन सिंह बनाम उत्तराखंड राज्य) में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है। न्यायालय के आदेश के बाद शासन ने सभी विभागों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
आदेश की मुख्य बातें
- 10 साल सेवा पूरी करने वाले आउटसोर्स कर्मचारी विभागीय संविदा पर लिए जाएंगे।
- कर्मचारियों को उनके वर्तमान पद के अनुसार समकक्ष वेतनमान व महंगाई भत्ता मिलेगा।
- यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से लागू मानी जाएगी।
- विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे 90 दिनों के भीतर सभी पात्र कर्मियों का समायोजन सुनिश्चित करें।
सभी विभागों को निर्देश
शासन ने स्पष्ट किया है कि सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर उपनल के माध्यम से कार्यरत पात्र कर्मियों की सूची तैयार कर जल्द कार्रवाई करें। साथ ही कर्मचारियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे संबंधित विभाग से संपर्क कर नया अनुबंध पत्र भरना सुनिश्चित करें।
क्या होगा असर
इस फैसले से हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से स्थायित्व और बेहतर वेतनमान की मांग कर रहे कर्मचारियों के लिए यह कदम महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
हालांकि, कर्मचारियों के बीच यह भी चर्चा है कि आगे चलकर नियमितीकरण (Regularization) की दिशा में भी ठोस नीति बनाई जानी चाहिए, ताकि उनका भविष्य पूरी तरह सुरक्षित हो सके।

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