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व्यावसायिक शिक्षा से कतरा रहे छात्र! 198 स्कूलों में शून्य दाखिले पर विभाग की सख्ती

देहरादून 

उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत छात्रों को हुनरमंद बनाने के दावों को बड़ा झटका लगा है। राज्य के माध्यमिक विद्यालयों में संचालित व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम (Vocational Education) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के दौरान छात्र नामांकन में भारी गिरावट दर्ज की गई है। स्थिति इस कदर चिंताजनक है कि राज्य के 198 स्कूलों की कक्षा 11वीं में एक भी छात्र ने व्यावसायिक शिक्षा में दाखिला नहीं लिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए समग्र शिक्षा उत्तराखंड की राज्य परियोजना निदेशक आकांक्षा कोंडे ने राज्य के सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों और जिला परियोजना अधिकारियों को आपातकालीन निर्देश जारी कर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

अनुबंध समाप्त होने से बाधित हुआ कार्यक्रम
राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, वर्तमान में 'समग्र शिक्षा' एवं 'पीएम श्री' योजनाओं के अंतर्गत प्रदेश के 331 विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। हालांकि, पूर्व से संचालित 200 विद्यालयों और 28 स्पोक विद्यालयों में कार्यदायी संस्था के साथ अनुबंध (Contract) की अवधि समाप्त होने के कारण यह कार्यक्रम बाधित हुआ है, जिसे पुनः सुचारू करने की प्रक्रिया गतिमान है।

मई 2026 की समीक्षा रिपोर्ट: चौंकाने वाले आंकड़े
मई 2026 में जनपदों से प्राप्त अनुश्रवण आख्याओं (Monitoring Reports) के विश्लेषण से राज्य स्तर पर नामांकन की बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है:
कक्षा 9वीं में 16% की गिरावट: पिछले सत्र (2025-26) में जहां कक्षा 9 में 9,765 छात्र नामांकित थे, वहीं इस सत्र (2026-27) में यह संख्या घटकर केवल 8,212 रह गई है। कुल 1,553 छात्रों की कमी आई है, जिसमें उधम सिंह नगर (-383) और नैनीताल (-335) में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज हुई है।
10वीं में 13% से अधिक का ड्रॉप: कक्षा 9 से उत्तीर्ण होकर 10वीं में जाने वाले छात्रों के ट्रांजिशन रेट में भी 13% से अधिक की गिरावट आई है।
 11वीं कक्षा में भारी गिरावट: सत्र 2025-26 में कक्षा 11वीं में जहां 7,765 छात्र थे, वह वर्तमान सत्र में घटकर मात्र 3,037  रह गए हैं। सीधे तौर पर 4,728 छात्रों की भारी कमी दर्ज की गई है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के लक्ष्यों पर संकट
राज्य परियोजना निदेशक ने सख्त लहजे में कहा है कि यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। यदि इस पर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई, तो राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप सामान्य शिक्षा के साथ-साथ छात्रों को कौशल विकास (Skill Development) का लक्ष्य प्रदान करना पूरी तरह असंभव हो जाएगा।

शिक्षा विभाग के सख्त निर्देश और अल्टीमेटम
गिरावट को देखते हुए राज्य परियोजना कार्यालय ने सभी जनपदों और अनुबंधित संस्था  निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं:
 1. अनिवार्य अगली कक्षा में प्रवेश: पिछले सत्र में कक्षा 9 एवं 10 में व्यावसायिक शिक्षा उत्तीर्ण करने वाले सभी विद्यार्थियों का अगली कक्षा में अनिवार्य रूप से इसी विषय में नामांकन सुनिश्चित किया जाए।
 2. प्रति विद्यालय न्यूनतम 40 छात्र: कक्षा 9 में नए प्रवेश हेतु व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जाए, जिससे इस कक्षा में न्यूनतम 40 विद्यार्थी अनिवार्य रूप से नामांकित हो सकें।
 3. विशेष अभियान और वीडियो अगस्त 2026 तक: सभी व्यावसायिक समन्वयकों और प्रशिक्षकों की तत्काल बैठक बुलाकर नामांकन वृद्धि के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए अगस्त 2026 के प्रथम सप्ताह में विशेष प्रचार अभियान के फोटो और वीडियो राज्य कार्यालय को भेजने होंगे।

होगी कड़ी कार्रवाई:
राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा जल्द ही मासिक अनुश्रवण आख्याओं के आधार पर स्कूलों की समीक्षा की जाएगी। यदि छात्र नामांकन में अपेक्षित सुधार या वृद्धि नहीं पाई गई, तो संबंधितों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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