समग्र शिक्षा सभागार में शिक्षा मंत्री की बड़ी समीक्षा बैठक, व्यावसायिक प्रशिक्षकों की भी टिकीं निगाहें
देहरादून।
उत्तराखंड के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शनिवार को विद्यालयी शिक्षा महानिदेशालय स्थित समग्र शिक्षा सभागार में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में विभागीय उच्चाधिकारियों के साथ प्रदेश के सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) के प्राचार्य भी शामिल हुए।
बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री ने एससीईआरटी के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी, व्यावहारिक, आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण बनाया जाए, ताकि इसका सीधा लाभ विद्यार्थियों की शिक्षा पर दिखाई दे।
डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप शिक्षकों को समयानुकूल प्रशिक्षण देना बेहद आवश्यक है। प्रशिक्षित एवं दक्ष शिक्षक ही विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर सकते हैं, इसलिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नवाचार, तकनीक आधारित शिक्षण और व्यवहारिक गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाए।
बैठक में प्रदेश के प्रत्येक डायट की क्रमवार समीक्षा भी की गई। इस दौरान शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में मॉडल डायट की स्थापना का कार्य शीघ्र पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि आधुनिक संसाधनों, डिजिटल तकनीक एवं नवाचारों से सुसज्जित मॉडल डायट तैयार होने से शिक्षक प्रशिक्षण व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा शिक्षकों को बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सकेगा।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी योजनाओं का समयबद्ध एवं पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को और सशक्त बनाया जा सके।
बैठक में विभागीय अधिकारियों एवं डायट प्राचार्यों ने भी अपने-अपने संस्थानों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बेहतर बनाने के लिए सुझाव साझा किए। शिक्षा मंत्री ने सभी अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी संचालन एवं तय समय-सीमा में लक्ष्यों को पूरा करने के निर्देश दिए।


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