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नैनीताल में हालिया घटना के बाद कुमायूँ पुलिस सख्त, असामाजिक तत्वों पर कसेगा शिकंजा – सोशल मीडिया पर भी निगरानी तेज

हल्द्वानी, 02 मई 2025।

नैनीताल में विगत दिनों हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद कुमायूँ पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। आज मा. मुख्यमंत्री उत्तराखंड की अध्यक्षता में हुई समीक्षा गोष्ठी के क्रम में कुमायूँ परिक्षेत्र की पुलिस महानिरीक्षक (आई.जी.) श्रीमती रिधिम अग्रवाल ने कैम्प कार्यालय, हल्द्वानी में संबंधित अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। इस गोष्ठी में नैनीताल की घटना की गंभीरता को देखते हुए कानून व्यवस्था को बनाए रखने तथा असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

शांति भंग करने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई

आई.जी. कुमायूँ श्रीमती रिधिम अग्रवाल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नैनीताल जैसे शांत, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण पर्यटक नगर में किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। जो कोई भी शहर की शांति भंग करने, आपसी सौहार्द को नुकसान पहुंचाने या कानून व्यवस्था को चुनौती देने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी

आई.जी. ने सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को और अधिक सक्रिय बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप सहित सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाली भ्रामक, झूठी एवं अनधिकृत खबरों की निगरानी की जाए। ऐसी सामग्री प्रसारित करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि अफवाहों के माध्यम से माहौल को बिगाड़ने की कोई गुंजाइश न रहे।

15 दिवसीय सत्यापन अभियान होगा संचालित

गोष्ठी में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि सभी जिलों में 15 दिवसीय सघन सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत किरायेदारों, घरेलू नौकरों, होटलों के कर्मचारियों, फेरीवालों और अन्य बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन किया जाएगा। खासकर वे व्यक्ति जो अवैध रूप से रह रहे हैं और बिना पहचान पत्र या आधार कार्ड के सरकार की योजनाओं का अनुचित लाभ उठा रहे हैं, उनकी पूरी जांच की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति नियमों के विपरीत पाया जाता है तो संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

पर्यटकों को मिलेगा सुरक्षित माहौल, सोशल मीडिया से किया जाएगा प्रचार

कुमायूँ क्षेत्र में नैनीताल, रानीखेत, अल्मोड़ा, कौसानी, मुनस्यारी, पिथौरागढ़ जैसे विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं। बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि पर्यटकों को यह संदेश दिया जाए कि वे निडर होकर कुमायूँ आएं। उन्हें किसी प्रकार के खतरे की कोई आशंका नहीं है। कुमायूँ पुलिस उनकी सुरक्षा, सुखद यात्रा और सहायता के लिए पूरी तरह से तत्पर है। सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों के जरिए व्यापक प्रचार-प्रसार कर यह संदेश आमजन तक पहुँचाया जाएगा।

वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हुई बैठक

वर्चुअल बैठक में नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री प्रहलाद मीणा, ऊधमसिंहनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री मणिकान्त मिश्रा सहित दोनों जनपदों के समस्त राजपत्रित अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को उनके जनपदों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।


नैनीताल में घटित हालिया घटना के बाद कुमायूँ पुलिस की यह सक्रियता निश्चित रूप से जनता के बीच विश्वास की भावना को मजबूत करेगी। असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई, सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी और बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन जैसे कदम कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे। साथ ही पर्यटकों को एक सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण देने की प्रतिबद्धता भी स्पष्ट रूप से सामने आई है।


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