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नैनीताल: ओखलाकांडा में भीषण सड़क हादसा, दो की मौत, छह गंभीर घायल, बारात से लौट रही बुलेरो खाई में गिरी

नैनीताल (उत्तराखंड)। जनपद नैनीताल के दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्र ओखलाकांडा में एक बार फिर से दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। रविवार देर शाम कौन्ता-पटरानी मोटर मार्ग पर एक बुलेरो वाहन के खाई में गिर जाने से दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में एक महिला और एक पुरुष शामिल हैं। सभी लोग बारात से लौट रहे थे जब यह हादसा हुआ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह वाहन बारात कार्यक्रम से लौट रहा था और ओखलाकांडा के संकरे व खराब हालत वाले मार्गों से होकर गुजर रहा था। कौन्ता-पटरानी मोटर मार्ग पर वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया और लगभग 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई।

हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए घायलों के रेस्क्यू में जुट गए। ग्रामीणों की तत्परता से घायलों को खाई से बाहर निकाला गया और 108 एंबुलेंस सेवा की सहायता से उन्हें हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल भेजा गया। सभी घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

मृतकों की शिनाख्त अभी नहीं हो पाई है। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है और घटना की जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

हादसे के पीछे फिर सवालों के घेरे में सड़क व्यवस्था

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर से ओखलाकांडा क्षेत्र की जर्जर सड़क व्यवस्था और सुरक्षा उपायों की पोल खोल दी है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह इलाका पहले भी कई गंभीर सड़क हादसों का गवाह बन चुका है, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला है।

ग्रामीणों ने बताया कि अधिकांश ग्रामीण मार्ग बिना सुरक्षा दीवारों (क्रैश बैरियर) के हैं, जो छोटी सी चूक को भी जानलेवा बना देते हैं। इसके अलावा, सड़कों की हालत बदतर है और नियमित निरीक्षण या मरम्मत कार्य समय पर नहीं किए जाते।

ग्रामीणों की मांग: सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हों

इस हादसे के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि:

  • ओखलाकांडा और अन्य दुर्गम क्षेत्रों की सड़कों की जल्द मरम्मत की जाए।

  • सभी खतरनाक मोड़ों और ढलानों पर क्रैश बैरियर लगाए जाएं।

  • सार्वजनिक और निजी वाहनों की नियमित फिटनेस जांच सुनिश्चित की जाए।

  • पर्वतीय क्षेत्रों के ड्राइवरों को सुरक्षित ड्राइविंग के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाए।

प्रशासन की कार्रवाई

प्रशासन की ओर से बताया गया है कि घटना की विस्तृत जांच की जा रही है और घायलों को हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को क्षेत्र की सड़कों की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।


यह हादसा उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता खड़ी करता है। जरूरत है कि इस बार इस दर्दनाक दुर्घटना को सिर्फ एक खबर न बनने दिया जाए, बल्कि इसे एक चेतावनी मानते हुए त्वरित और ठोस कार्रवाई की जाए, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें।



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