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सरकार से उम्मीद छोड़, ग्रामीणों ने थामा फावड़ा

नैनीताल। द कुमाऊं कनेक्शन 

गांव की टूटी-फूटी सड़कों से परेशान होकर अब ग्रामीण खुद ही बदलाव की पहल कर रहे हैं। ऐसा ही एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है नैनीताल जिले के अघरिया गांव के चिनिया तोक से, जहां ग्रामीणों ने स्वेच्छा से श्रमदान कर सड़क की मरम्मत का बीड़ा उठाया।

सड़क की जर्जर हालत और वर्षों से अनदेखी होने के कारण ग्रामीणों में नाराजगी थी, लेकिन उन्होंने शिकायत करने की बजाय समाधान खुद ढूंढने का रास्ता अपनाया। शुक्रवार सुबह गांव के लोग एकजुट होकर फावड़ा, तसला और बेलचा लेकर सड़क सुधारने में जुट गए। ग्रामीणों ने मिलकर सड़क के गड्ढों को मिट्टी और पत्थर से भरा, उसे समतल किया और जरूरी मरम्मत कार्य भी किया।

इस जनसहयोग में युवा, बुजुर्ग  सभी बढ़-चढ़कर शामिल हुए। ग्रामीणों का कहना है कि जब शासन-प्रशासन से मदद नहीं मिलती, तो समुदाय को खुद आगे आकर पहल करनी होती है। इस प्रयास से न केवल आवागमन में सुविधा होगी, बल्कि गांव में एकता और सहयोग की भावना भी मजबूत होगी।

इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे, जिनमें विशेष रूप से चिनिया तोक के लोग अग्रणी भूमिका में नजर आए। ग्रामीणों ने यह भी अपील की कि शासन-प्रशासन को ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए, ताकि भविष्य में लोगों को इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।

ग्रामीणों की यह पहल क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और इसे सामाजिक एकता और आत्मनिर्भरता का उदाहरण माना जा रहा है।

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