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अल्मोड़ा में अनोखी शादी: दौरा पड़ते ही टूटा रिश्ता, बारात लौटी खाली

चौखुटिया, अल्मोड़ा (उत्तराखंड)

उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया क्षेत्र में एक विवाह समारोह उस समय मातम और अफरातफरी में बदल गया, जब जयमाला की रस्म से ठीक पहले दूल्हे को मिर्गी जैसा दौरा पड़ गया। हल्द्वानी से आई बारात को बिना दुल्हन के वापस लौटना पड़ा, जिससे न सिर्फ दोनों पक्षों को गहरा मानसिक आघात पहुंचा बल्कि गांव में भी इस घटना को लेकर सनसनी फैल गई।

जानकारी के अनुसार शनिवार की शाम चौखुटिया ब्लॉक के एक गांव में विवाह समारोह का आयोजन किया गया था। हल्द्वानी से दूल्हा अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ पूरे धूमधाम के साथ बारात लेकर पहुंचा। पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार स्वागत हुआ, वरमाला की तैयारी चल रही थी और मेहमानों की खुशियों का माहौल था। लेकिन जैसे ही दूल्हा जयमाला के लिए मंच पर चढ़ा, एकाएक उसके शरीर में कंपन शुरू हो गया और वह मंच से नीचे गिर पड़ा।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दूल्हे के मुंह से झाग निकलने लगा और उसकी जीभ भी आंशिक रूप से कट गई। यह देखकर शादी समारोह में अफरातफरी मच गई। तुरंत स्थानीय फार्मासिस्ट को बुलाया गया, जिन्होंने दूल्हे की स्थिति का परीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि दूल्हे का ब्लड प्रेशर बहुत बढ़ा हुआ था, जिससे उसके शरीर में दौरा जैसा असर हुआ। विवाह की प्रक्रिया को तुरंत रोक दिया गया और दूल्हे को प्राथमिक उपचार दिया गया।

हालांकि कुछ समय बाद जब स्थिति थोड़ी सामान्य हुई तो कार्यक्रम को दोबारा शुरू करने की बात चली, लेकिन रविवार सुबह दूल्हे को दोबारा ऐसे ही दौरे आए। इससे दुल्हन पक्ष को गहरी चिंता हुई। परिवार वालों ने आपसी विचार-विमर्श के बाद लड़की की विदाई करने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि दूल्हे की यह स्थिति शादी के बाद लड़की की जिंदगी को प्रभावित कर सकती है और वे इस जोखिम को नहीं उठा सकते।

काफी समझाने-बुझाने और मध्यस्थता की कोशिशों के बाद अंततः दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बनी कि इस विवाह को यहीं समाप्त किया जाए। इसके बाद रविवार को बारात को बिना दुल्हन के वापस हल्द्वानी लौटना पड़ा।

यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। जहां कुछ लोग इसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना मान रहे हैं, वहीं कई लोग इस बात पर भी सवाल उठा रहे हैं कि क्या दूल्हे की बीमारी की जानकारी पहले से छिपाई गई थी? दुल्हन पक्ष का आरोप है कि उन्हें दूल्हे की स्वास्थ्य स्थिति की कोई जानकारी नहीं दी गई थी, और अगर पहले से यह जानकारी होती तो वे यह रिश्ता स्वीकार ही नहीं करते।

इस घटना ने न केवल दो परिवारों की खुशियों पर विराम लगाया, बल्कि एक सामाजिक बहस भी खड़ी कर दी है कि विवाह जैसे महत्वपूर्ण फैसले में पारदर्शिता और स्वास्थ्य संबंधित सूचनाएं कितनी जरूरी हैं। आज के समय में जब रिश्ते सिर्फ परंपराओं पर नहीं बल्कि समझदारी और स्वास्थ्य जैसे पहलुओं पर भी टिके हैं, इस तरह की घटनाएं समाज को सोचने पर मजबूर कर देती हैं।

फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने घर लौट चुके हैं और विवाह को लेकर कोई कानूनी विवाद नहीं हुआ है। लेकिन यह घटना एक गहरी सीख जरूर छोड़ गई कि रिश्तों में ईमानदारी और पारदर्शिता सबसे अहम होती है।

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