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लिंगोड़ा की सब्जी खाने से बीमार पड़ा रानीखेत का पूरा परिवार, 21 वर्षीय युवती ICU में भर्ती

हल्द्वानी, 16 जुलाई। पहाड़ी क्षेत्रों में खाई जाने वाली पारंपरिक सब्जियों में लिंगोड़ा (जिसे लिंगुड़ा भी कहा जाता है) का खास स्थान है, लेकिन रानीखेत के एक परिवार के लिए यही लिंगोड़ा जानलेवा साबित हो गया। परिवार ने चार दिन पहले बाजार से लिंगोड़ा खरीदकर इसकी सब्जी तैयार की थी। सब्जी खाने के कुछ घंटों बाद ही परिवार के सभी सदस्य उल्टी-दस्त जैसी फूड प्वाइजनिंग की शिकायत करने लगे, जिससे उन्हें आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

परिवार के सदस्यों को रानीखेत के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के बाद अधिकांश सदस्यों की तबीयत में धीरे-धीरे सुधार आने लगा। हालांकि परिवार की 21 वर्षीय युवती सविता की हालत गंभीर होने के कारण उसे हल्द्वानी स्थित राजकीय सुशीला तिवारी चिकित्सालय (एसटीएच) रेफर कर दिया गया। वर्तमान में सविता एसटीएच के आईसीयू में भर्ती है और डॉक्टरों के अनुसार उसकी स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है।

परिजनों ने बताया कि उन्होंने यह लिंगोड़ा बाजार से खरीदा था और घर पर इसकी सब्जी बनाई थी। उन्हें आशंका है कि लिंगोड़ा के साथ कोई विषैला या दूषित पदार्थ भी सब्जी में मिल गया होगा, जिससे यह स्थिति उत्पन्न हुई। यह भी संभव है कि सब्जी ठीक से साफ न होने के कारण उसमें बैक्टीरिया या अन्य हानिकारक तत्व मौजूद रह गए हों।

इस पूरे मामले पर राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि युवती सविता आईसीयू में भर्ती है और उसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। डॉक्टरों की विशेष टीम उसका इलाज कर रही है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन अगली 24 से 48 घंटे उसके लिए महत्वपूर्ण होंगी।

गौरतलब है कि लिंगोड़ा एक जंगली सब्जी है, जिसे उत्तराखंड समेत हिमालयी क्षेत्रों में पारंपरिक भोजन के रूप में खाया जाता है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि लिंगोड़ा को पकाने से पहले उचित रूप से धोना और उबालना अत्यंत आवश्यक होता है, क्योंकि इसमें प्राकृतिक रूप से कुछ विषैले तत्व मौजूद हो सकते हैं, जो गलत तरीके से पकाए जाने पर स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो सकते हैं।

यह घटना न केवल चिंताजनक है, बल्कि लोगों के लिए एक चेतावनी भी है कि पहाड़ी जड़ी-बूटियों व सब्जियों का सेवन करते समय पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। विशेष रूप से जब यह सामग्री खुले बाजार से खरीदी जा रही हो, तो उसकी गुणवत्ता, ताजगी और सफाई पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।

स्वास्थ्य विभाग ने फिलहाल लोगों से अपील की है कि वे जंगली या पारंपरिक सब्जियों का उपयोग करते समय पूरी तरह सुनिश्चित कर लें कि वह सुरक्षित और ताजा है। किसी भी प्रकार की असामान्य लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

(रिपोर्ट: द कुमाऊं कनेक्शन)



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