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फेसबुक पर वायरल 'गोपनीयता अनुमति' पोस्ट जाने क्या है सच्चाई?

रिपोर्ट द कुमाऊं कनेक्शन 

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें यूज़र्स यह लिख रहे हैं कि वे अपनी निजी जानकारी और तस्वीरों के इस्तेमाल के लिए फेसबुक/मेटा को अनुमति नहीं देते। पोस्ट में दावा है कि "कल से नए नियम लागू होंगे" और जो लोग यह मैसेज कॉपी-पेस्ट नहीं करेंगे, उन्हें अनुमति देने वाला माना जाएगा।


फैक्ट-चेक में यह दावा झूठा पाया गया है। फेसबुक की नीतियां यूज़र के स्टेटस से नहीं बदलतीं। मेटा की गोपनीयता नीति में किसी हालिया बदलाव का ऐसा कोई ऐलान नहीं किया गया है। साइबर विशेषज्ञों ने इसे एक पुराना होक्स बताया है, जो वर्षों से अलग-अलग वर्ज़न में वायरल होता रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अपनी निजी जानकारी की सुरक्षा के लिए यूज़र्स को फेसबुक की प्राइवेसी सेटिंग्स अपडेट करनी चाहिए, न कि ऐसे मैसेज पर भरोसा करना चाहिए।

यह सही ह या गलत

यह जो मैसेज लोग अपनी फेसबुक प्रोफ़ाइल पर पोस्ट कर रहे हैं — जिसमें लिखा है कि "फेसबुक/मेटा को मैं अपनी निजी जानकारी और तस्वीरों के उपयोग की अनुमति नहीं देता" — पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक है।

इस तरह के पोस्ट कई सालों से अलग-अलग रूप में वायरल होते रहे हैं, लेकिन इनका कानूनी या तकनीकी असर बिल्कुल नहीं होता।

सच्चाई

फेसबुक (मेटा) की शर्तें और गोपनीयता नीति (Privacy Policy) को सिर्फ उनकी वेबसाइट/ऐप के आधिकारिक अपडेट से बदला जा सकता है, न कि यूज़र की प्रोफ़ाइल पर कोई स्टेटस लिखने से।

आपका डेटा इस्तेमाल कैसे होगा, यह फेसबुक की पॉलिसी और आपके प्राइवेसी सेटिंग्स पर निर्भर करता है — कोई भी कॉपी-पेस्ट पोस्ट इसे बदल नहीं सकता।

मेटा ने ऐसा कोई "कल से नए नियम लागू" वाला ऐलान नहीं किया है।

इस तरह के पोस्ट झूठी चेतावनी (Hoax) और अफवाह फैलाते हैं, और अक्सर बिना सोचे-समझे लोग इन्हें शेयर कर देते हैं।





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