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BREAKING NEWS: 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर TET को लेकर केंद्र सरकार का स्पष्ट जवाब

नई दिल्ली।

शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों की स्थिति पर केंद्र सरकार ने लोकसभा में स्थिति स्पष्ट कर दी है। लोकसभा में अतारांकित प्रश्न संख्या 1606 के लिखित उत्तर में शिक्षा मंत्रालय ने कहा है कि नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act) की धारा 23 के तहत राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) को शिक्षकों की न्यूनतम योग्यता निर्धारित करने का अधिकार प्राप्त है।

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, NCTE द्वारा 23 अगस्त 2010 को जारी अधिसूचना के तहत शिक्षक नियुक्ति के लिए TET को न्यूनतम आवश्यक योग्यता के रूप में निर्धारित किया गया। इसके बाद वर्ष 2011 से शिक्षक नियुक्तियों में TET लागू किया गया।

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सरकार ने बताया कि TET लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए कई अवसर प्रदान किए गए ताकि वे निर्धारित योग्यता पूरी कर सकें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि जो शिक्षक पर्याप्त अवसर दिए जाने के बावजूद TET उत्तीर्ण नहीं कर पाए, वे भविष्य में पदोन्नति, चयन अथवा अन्य सेवा लाभों के लिए अयोग्य माने जा सकते हैं।

लोकसभा में दिए गए उत्तर में यह भी कहा गया कि शिक्षकों की नियुक्ति और सेवा शर्तों का क्रियान्वयन राज्यों के अधिकार क्षेत्र में आता है, लेकिन उन्हें NCTE द्वारा निर्धारित न्यूनतम योग्यता मानकों का पालन करना अनिवार्य है।

केंद्र सरकार ने यह दोहराया कि शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए TET एक आवश्यक शैक्षणिक योग्यता है, और इसे लेकर कोई भी निर्णय RTE अधिनियम और NCTE के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही लिया जाएगा।



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