पांचवीं की छात्रा से दुष्कर्म: विश्वविद्यालय परिसर में तैनात सुरक्षा कर्मी आरोपी
पंतनगर,
गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय परिसर में सामने आया नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म का मामला न केवल एक गंभीर आपराधिक घटना है, बल्कि यह विश्वविद्यालय जैसी संवेदनशील और सुरक्षित मानी जाने वाली जगहों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
कक्षा पांच में पढ़ने वाली 12 वर्षीय छात्रा के साथ कथित तौर पर विश्वविद्यालय में तैनात एक सुरक्षा कर्मी द्वारा यह घिनौनी वारदात की गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी ने बच्ची को बहला-फुसलाकर सरकारी आवास के एक खंडहर में ले जाकर दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया और परिजनों के बयान के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया।
इस मामले में सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि आरोपी वही व्यक्ति था, जिस पर परिसर की सुरक्षा और छात्रों की देखरेख की जिम्मेदारी थी। घटना के समय आरोपी नशे की हालत में बताया गया, जो सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी प्रणाली की गंभीर खामी को दर्शाता है।
हालांकि पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे न्यायालय में पेश किए जाने की प्रक्रिया जारी है, लेकिन यह घटना यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या केवल गिरफ्तारी ही पर्याप्त है? विश्वविद्यालय प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और संबंधित ठेकेदारों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
निष्कर्ष रूप में कहा जा सकता है कि यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की विफलता का उदाहरण है। शैक्षणिक परिसरों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर कठोर नियम, नियमित निगरानी, पृष्ठभूमि सत्यापन और जवाबदेही तय करना अब अनिवार्य हो गया है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं समाज के विश्वास को और गहरा आघात पहुंचा सकती हैं।

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