देहरादून में विजिलेंस का बड़ा एक्शन: शिक्षा विभाग के अधिकारी समेत दो आरोपी 1 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार
देहरादून,
उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग के एक अधिकारी समेत दो लोगों को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना सतर्कता सैक्टर देहरादून में पंजीकृत मु0अ0सं0-7/2026, धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) के तहत यह कार्रवाई की गई है।
गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी धनवीर सिंह बिष्ट, पुत्र गिन्दू सिंह, वर्तमान में उपशिक्षा अधिकारी एवं प्रभारी खण्ड शिक्षा अधिकारी, डोईवाला के पद पर तैनात हैं। वहीं दूसरी आरोपी पुष्पांजलि, पत्नी पंकज शर्मा, निवासी लेन नम्बर-5 डालनवाला, देहरादून तथा संचालिका, उत्तरांचल मॉडर्न स्कूल गुमानीवाला, ऋषिकेश बताई जा रही हैं।
विजिलेंस सूत्रों के अनुसार, दोनों आरोपियों द्वारा शिकायतकर्ता से गंगा वैली जूनियर हाईस्कूल, ऋषिकेश में शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत अध्ययनरत छात्रों की प्रतिपूर्ति बिल के भुगतान के एवज में 1 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत मिलने के बाद सतर्कता टीम ने मामले की गोपनीय जांच की, जिसमें आरोप सही पाए गए।
इसके बाद विजिलेंस टीम ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया और दोनों आरोपियों को रिश्वत की रकम लेते समय रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
सतर्कता विभाग ने बताया कि फिलहाल दोनों आरोपियों के विरुद्ध अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और मामले की गहन जांच जारी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस पूरे प्रकरण में अन्य किसी व्यक्ति की संलिप्तता तो नहीं है।
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घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि आरटीई जैसी योजना, जो गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए बनाई गई है, उसमें भ्रष्टाचार बेहद गंभीर मामला है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
सतर्कता विभाग ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।


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