नैनीताल के धानाचूली आगजनी मामले में बढ़ा जनआक्रोश, धारी तहसील में धरना-प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग
धारी (नैनीताल)।
नैनीताल जिले के धानाचूली क्षेत्र में गरीब फल विक्रेता ओमप्रकाश की झोपड़ी और आजीविका के साधन में आग लगाए जाने के मामले को लेकर आज तहसील धारी परिसर में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन एवं ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि एकत्र हुए तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
धरना-प्रदर्शन के बाद संवैधानिक अधिकार संघर्ष समिति, हल्द्वानी-नैनीताल के नेतृत्व में उपजिलाधिकारी धारी को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को सुरक्षा और वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराने की भी मांग रखी गई।
सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश चन्द्र बौद्ध ने कहा कि एक गरीब मेहनतकश व्यक्ति की आजीविका को आग के हवाले करना केवल एक परिवार पर अत्याचार नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और मानवता पर भी हमला है। उन्होंने कहा कि समाज का प्रत्येक वर्ग पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है और जब तक न्याय नहीं मिलेगा, संघर्ष जारी रहेगा।
इस दौरान कांग्रेस नेता हरीश पनेरू ने भी घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की।
धरना-प्रदर्शन में ग्राम प्रधान रेखा आर्य, पूर्व प्रधान सुरेश चंद्र, क्षेत्र पंचायत सदस्य रेखा आर्य, अजय कुमार (सरपंच मजेला), मनीष कुमार कन्नू, भुवन आर्य, मोहन चंद्र सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके अलावा क्षेत्र के विभिन्न गांवों से सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए और पीड़ित परिवार के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की।
धरना समाप्त होने के बाद पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। पुलिस ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच तेजी से की जा रही है और जल्द से जल्द दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
धरना-प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। उपस्थित लोगों ने कहा कि यदि निर्धारित समय में दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। वहीं प्रशासन ने निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।



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